Bulandshahr Road Safety: बुलन्दशहर में GAEPL द्वारा ATMS कंट्रोल रूम में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

Bulandshahr Road Safety: बुलन्दशहर में GAEPL द्वारा ATMS कंट्रोल रूम में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
रिपोर्ट: संदीप चौहान
37वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत बुलन्दशहर में GAEPL द्वारा स्कूल के विद्यार्थियों के लिए एक विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को ATMS एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम कंट्रोल रूम का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य नेशनल हाईवे पर यातायात नियमों, सुरक्षा उपायों और दुर्घटना रोकथाम के प्रति छात्रों को जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को हाईवे सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें CCTV निगरानी प्रणाली, घटना पहचान प्रणाली, ATMS की कार्यप्रणाली और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन दिखाया गया, जिससे छात्रों को यह समझने का अवसर मिला कि किस प्रकार आधुनिक तकनीक के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित और कम किया जाता है।
GAEPL के प्रोजेक्ट हेड श्री अनिरुद्ध सिंह और सुरक्षा प्रबंधक दयानंद वर्मा ने विद्यार्थियों को ट्रैफिक साइनबोर्ड के वर्गीकरण, कोहरे के दौरान बरती जाने वाली सुरक्षा सावधानियों, व्यवहार संबंधी सड़क सुरक्षा मुद्दों, सड़कों के वर्गीकरण और नेशनल हाईवे पर उपलब्ध सुविधाओं जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही एक इंटरैक्टिव प्रश्न–उत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रश्न पूछे।
कार्यक्रम के दौरान GAEPL की ओर से प्रेरक संबोधन देते हुए विद्यार्थियों को नेशनल हाईवे पर यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग तथा सड़क सुरक्षा को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया। छात्रों को यह संदेश दिया गया कि छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर बड़े हादसों को रोका जा सकता है।
इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा से संबंधित पैम्फलेट वितरित किए गए। साथ ही GAEPL के अधिकारियों नितिन तेवतिया, दुष्यंत, अंकित ठाकुर, शुभनेश, मनजीत, धर्मेंद्र, द्रविड़ पांडे और आकाश शर्मा द्वारा सुरक्षा विषय पर लेखन के लिए कॉपियाँ और पेन भी प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सड़क सुरक्षा की शपथ ली और यह संकल्प लिया कि वे अपने परिवार और समाज में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाएंगे। यह कार्यक्रम छात्रों के लिए न केवल जानकारीपूर्ण रहा बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करने वाला भी साबित हुआ।





