Builder Investment Fraud: बिल्डर कंपनी में निवेश पर मोटे मुनाफे का झांसा देकर 2.61 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप, कोर्ट के आदेश पर चार लोगों समेत कंपनी पर FIR
नोएडा। सेक्टर-18 में कार्यालय खोलकर कारोबार करने वाले एक व्यक्ति ने दिल्ली की बिल्डर कंपनी के निदेशकों पर निवेश के नाम पर 2.61 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। पीड़ित का आरोप है कि कंपनी में निवेश करने पर प्रतिमाह 1.5 प्रतिशत ब्याज और मोटा मुनाफा देने का भरोसा दिया गया था। निर्धारित समय पर रकम वापस नहीं मिलने और बाद में कथित रूप से धमकी दिए जाने के बाद पीड़ित ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर सेक्टर-20 थाना पुलिस ने चार लोगों को नामजद करते हुए बिल्डर कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
शिकायतकर्ता सोमनाथ तुगनैत ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनका कार्यालय नोएडा के सेक्टर-18 में है। कुछ वर्ष पहले उनकी मुलाकात दिल्ली के मियांवली नगर निवासी अमित सोनी से हुई थी।
पीड़ित के मुताबिक अमित सोनी ने खुद को मैसर्स आसोनी कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड नामक बिल्डर कंपनी का निदेशक बताया था। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और विश्वास का रिश्ता बन गया।
आरोप है कि अमित सोनी ने शिकायतकर्ता को बताया कि कंपनी में काम करने वाली साक्षी सोनी उनकी पत्नी हैं। वहीं अशोक सोनी और आशा सोनी को कंपनी में निदेशक बताया गया। कंपनी का कार्यालय पश्चिमी दिल्ली में होने की जानकारी दी गई थी।
समय के साथ शिकायतकर्ता और आरोपियों के बीच पारिवारिक संबंध जैसे बन गए। इसी विश्वास का हवाला देकर आरोपियों ने सोमनाथ के सामने अपनी बिल्डर कंपनी में निवेश करने का प्रस्ताव रखा।
शिकायत के अनुसार आरोपियों ने कंपनी में रकम निवेश करने पर मोटा मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया। इसके साथ ही निवेश की गई राशि पर प्रतिमाह 1.5 प्रतिशत ब्याज देने की बात भी कही गई।
आरोप है कि आरोपियों की बातों पर भरोसा करते हुए शिकायतकर्ता ने 25 फरवरी 2025 को दो करोड़ रुपये दिए। इस लेनदेन को लेकर एक रसीद तैयार की गई और उस पर हस्ताक्षर भी किए गए।
पीड़ित के मुताबिक रकम का उल्लेख स्टांप पर तैयार किए गए एग्रीमेंट में भी किया गया था। कुल दो करोड़ रुपये में से 70 लाख रुपये नकद दिए जाने का दावा किया गया है।
इसके अलावा 80 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से और 50 लाख रुपये चेक के जरिए दिए गए। इस तरह अलग-अलग माध्यमों से आरोपियों को कुल दो करोड़ रुपये दिए जाने का आरोप है।
समझौते के मुताबिक इस रकम को फरवरी 2026 तक वापस किया जाना था। इसके साथ ही निवेश पर हर महीने 1.5 प्रतिशत ब्याज देने का भी भरोसा दिया गया था।
पीड़ित का आरोप है कि निर्धारित अवधि पूरी होने के बावजूद आरोपियों ने दो करोड़ रुपये वापस नहीं किए। रकम मांगने पर आरोपियों ने 30 मई तक भुगतान करने का भरोसा दिया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुरानी रकम लौटाने के बजाय आरोपियों ने उन्हें दोबारा अपनी बातों में फंसाया और अलग-अलग बहाने से 61 लाख रुपये और ले लिए।
पीड़ित के मुताबिक अतिरिक्त 61 लाख रुपये अलग-अलग माध्यमों से कुल आठ बार में दिए गए। इस तरह आरोपियों को दी गई कुल रकम 2.61 करोड़ रुपये हो गई।
आरोप है कि इसके बाद शिकायतकर्ता ने जब अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों का व्यवहार बदल गया। रकम लौटाने के बजाय उन्हें कथित रूप से अंजाम भुगतने की धमकी दी गई।
पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने उनसे संपर्क भी तोड़ दिया। कई प्रयासों के बावजूद जब रकम वापस नहीं मिली तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
शिकायतकर्ता का दावा है कि थाना स्तर पर मामले में सुनवाई नहीं होने के कारण उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। उन्होंने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की जानकारी दी और कार्रवाई की मांग की।
न्यायालय के आदेश के बाद सेक्टर-20 थाना पुलिस ने चार नामजद लोगों और संबंधित बिल्डर कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान लेनदेन से जुड़े दस्तावेज, एग्रीमेंट, बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


