PCR Vehicle Accident: नोएडा में रॉन्ग साइड से आई स्कॉर्पियो ने पीसीआर को मारी टक्कर, उपनिरीक्षक समेत दो पुलिसकर्मी घायल
नोएडा। एक्सप्रेसवे थाना क्षेत्र में देर रात गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों की पीसीआर को विपरीत दिशा से आ रही काले रंग की स्कॉर्पियो ने टक्कर मार दी। हादसे में पीसीआर वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि उसमें सवार उपनिरीक्षक और एक आरक्षी घायल हो गए। दोनों पुलिसकर्मियों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने वाहन नंबर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर स्कॉर्पियो को कब्जे में ले लिया है।
उपनिरीक्षक विशांक चाहल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि एक सितंबर की रात वह आरक्षी शुभम मलिक के साथ एक्सप्रेसवे थाना क्षेत्र में पीसीआर नंबर-39 पर ड्यूटी कर रहे थे।
दोनों पुलिसकर्मी पीसीआर वाहन से क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। देर रात करीब सवा एक बजे वह सेक्टर-135 स्थित कैंडोर कंपनी के गेट नंबर-2 के सामने पहुंचे।
इसी दौरान विपरीत दिशा से एक काले रंग की स्कॉर्पियो आती दिखाई दी। आरोप है कि स्कॉर्पियो चालक ने पीसीआर वाहन को टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी तेज थी कि पुलिस की पीसीआर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। वाहन में मौजूद उपनिरीक्षक विशांक चाहल और आरक्षी शुभम मलिक भी हादसे में घायल हो गए।
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने दोनों घायल पुलिसकर्मियों की मदद की और उन्हें उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने दोनों पुलिसकर्मियों का प्राथमिक उपचार किया। राहत की बात यह रही कि दोनों को गंभीर चोट नहीं आई और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
घटना को लेकर उपनिरीक्षक विशांक चाहल की ओर से एक्सप्रेसवे थाना पुलिस को शिकायत दी गई। शिकायत में स्कॉर्पियो चालक पर विपरीत दिशा से आकर पीसीआर को टक्कर मारने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने स्कॉर्पियो के वाहन नंबर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही घटना में शामिल बताए जा रहे वाहन को भी कब्जे में ले लिया गया है।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसे के समय स्कॉर्पियो कौन चला रहा था और वाहन विपरीत दिशा में क्यों चलाया जा रहा था। घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले में जांच जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


