Bihar : व्यवहार न्यायालय में फर्जी आई-कार्ड का भंडाफोड़, एपीपी समेत तीन गिरफ्तार, बड़े गिरोह की जांच जारी

Darbhanga (मृत्युंजय) : व्यवहार न्यायालय में फर्जी पहचान पत्र के सहारे प्रशिक्षण लेने का मामला सामने आया है। पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अपर लोक अभियोजक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

सदर एसडीपीओ शुभेंद्र कुमार सुमन ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग फर्जी पहचान पत्र के आधार पर कोर्ट परिसर में मल्टी टास्किंग स्टाफ यानी एमटीएस का प्रशिक्षण ले रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने न्यायालय पहुंचकर जांच शुरू की।

जांच के दौरान विकास कुमार यादव और मनोज कुमार नाम के दो युवक प्रशिक्षण लेते हुए मिले। पूछताछ में पता चला कि दोनों को एपी अशोक कुमार प्रशिक्षण दे रहे थे। जब उनके आई-कार्ड और दस्तावेजों की जांच कराई गई तो वे फर्जी पाए गए। संबंधित अधिकारियों ने भी पुष्टि की कि ये पहचान पत्र उनके द्वारा जारी नहीं किए गए थे।

इसके बाद पुलिस ने दोनों फर्जी अभ्यर्थियों और एपी अशोक कुमार को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों युवक पिछले कुछ समय से न्यायालय में प्रशिक्षण ले रहे थे।

पुलिस को आशंका है कि इस मामले के पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय है। फिलहाल लहेरियासराय थाना में कांड संख्या 450/26 दर्ज कर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जिन-जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उन सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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