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Against Minor Drivers: 18 साल से कम आयु वाले बच्चों द्वारा वाहन चलाने पर सजा और जुर्माने पर क्या कहती है दिल्ली, जानिए

18 साल से कम आयु वाले बच्चों द्वारा वाहन चलाने पर सजा और जुर्माने पर क्या कहती है दिल्ली, जानिए

रिपोर्ट: रवि डालमिया

18 साल से कम आयु वाले बच्चों द्वारा वाहन चलाने पर सजा और जुर्माने के मुताबिक परिवार और वाहन के मालिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 125 के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज और 25 हजार रुपये तक जुर्माना लगेगा और साथ ही 12 महीने के लिए वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द भी किया जाएगा लेकिन इतनी सकताई के बाद भी राजधानी दिल्ली के सड़कों पर नाबालिक बच्चे जो रोजाना स्कूल में दो पहिया वाहन लेकर आते है जिससे कानून व्यवस्था पर बहुत बड़ा सवाल उठता है। इन सभी के बीच नाबालिग बालक-बालिकाओं के फर्राटेदार बाइक और स्कूटी का चलाकर खुद और अन्य राहगीरों के लिए आफत बन रहे हैं। इनसे सड़क में आवागमन करने वाले लोग को सड़क दुघर्टना का शिकार होने के भय के माहौल में डाल रहे हैं। इन नाबालिग बाइक चालकों से पुलिस व आम जनता भी परेशान रहती है।जानकारी के अनुसार 12-16 वर्ष के बच्चों द्वारा साइकिलों के स्थान पर स्कूल सहित अन्य स्थानों में जाने के लिए बाइक और स्कूटी का उपयोग कर रहे हैं और इसके लिए उनके माता पिता भी आसानी से उन्हें बाइक उपलब्ध करा रहे हैं। इसी विषय को लेकर संवाददाता ने पूर्वी दिल्ली की आम जनता से बात की उनका कहना है कि बच्चों को वाहन देने में उनके परिजन भी कम जिम्मेदार नहीं है। उनको स्कूटी और बाइक सौंप दी जाती है। बच्चों के हाथ में वाहन आते ही वह फर्राटे भरने लगते हैं। रफ्तार देख कई लोग भौचक्के रह जाते हैं। देखा जाए तो यह रफ्तार का कहर कई बार सड़क दुर्घटना के रूप में नजर आ चुका है।वही दूसरी ओर स्कूल तक यह वाहन लेकर जाते हैं तो स्कूल प्रशशन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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