Friday, 6 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Mathura : वृंदावन में धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में उतरा संत समाज, बोला संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तानChandigarh : चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने के लिए भाजपा ईडी , सीबीआई, इनकम टैक्स और इलेक्शन कमीशन का दुरुपयोग कर रही है- हरपाल सिंह चीमाBulandshahr : खुर्जा के डाबर गांव में नकली पनीर की फैक्ट्री पर छापा, 10 क्विंटल माल सीजChandigarh : मेरे घर या अस्पताल से एक भी पैसा बरामद नहीं हुआ; 42 घंटे की रेड के बाद ईडी खाली हाथ लौटी- डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ाCensus 2027 Self Enumeration: जनगणना के दूसरे चरण की तैयारियां शुरू, डीएम मेधा रूपम ने दिए जागरूकता अभियान के निर्देशNoida Festive Security: त्योहारों पर पुलिस अधिकारियों ने की पैदल गश्त, ज्वैलर्स की दुकानों के सीसीटीवी कैमरे जांचेNoida GRAP Violation: ग्रैप प्रतिबंधों के बावजूद सेक्टर-113 में निर्माण कार्य जारी, बिल्डर पर 25 लाख जुर्माने की संस्तुतिGreater Noida Vending Zone: 85 वेंडरों को मिले प्लेटफॉर्म, अब सड़क किनारे नहीं लगानी पड़ेगी रेहड़ी

AAP ने शोध अनुदान पर GST को ‘कर आतंकवाद’ बताया, इसे वापस लेने की मांग की

AAP ने शोध अनुदान पर GST को ‘कर आतंकवाद’ बताया, इसे वापस लेने की मांग की

रिपोर्ट: हेमंत कुमार

केंद्र ने 2017 से रिसर्च इंस्टीट्यूट को मिल रहे ग्रांट्स पर टैक्स लगाने का प्रस्ताव दिया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. संदीप पाठक ने आज इस प्रस्ताव की कड़ी निंदा करते हुए मोदी सरकार से इसे वापस लेने की मांग की।उन्होंने कहा कि यह दुनिया के इतिहास में पहली बार है, जब कोई सरकार रिसर्च ग्रांट पर टैक्स लगा रही है। सरकार ने सभी रिसर्च इंस्टीट्यूट को जीएसटी जमा करने के लिए कारण बताओ नोटिस दिया है। सरकार तर्क दे रही है कि रिसर्च एक सर्विस है। इसलिए इसके लिए मिले ग्रांट्स पर जीएसटी लगनी चाहिए, जोकि बहुत ही हास्यास्पद है।

डॉ. संदीप पाठक ने कहा, अमेरिका, इंग्लैंड, जर्मनी, साउथ कोरिया, सिंगापुर समेत किसी भी विकसित व विकासशील देश में रिसर्च ग्रांट पर टैक्स नहीं लगता है। जबकि केंद्र सरकार ने 2017 से देश की रिसर्च संस्थाओं को दिए ग्रांट्स पर जीएसटी लगाने के प्रस्ताव के साथ ही करीब 220 करोड़ रुपए जीएसटी के रूप में मांगे हैं। इसमें आईआईटी दिल्ली जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं। समस्त मानव जाति और देश के विकास के लिए होने वाले रिसर्च पर जीएसटी लगाना टैक्स टेररिज्म है।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Priyanka Singh

संबंधित खबरें

पाठकों की राय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *