अमर सैनी
नोएडा। ग्रेटर नोएडा में एक ट्रेनिंग सब इंस्पेक्टर को कैब चालक से जबरन वसूली करते रंगे हाथ पकड़ा गया है। थाना बिसरख क्षेत्र में कैब चालक से जबरन वसूली करने वाले ट्रेनी सब इंस्पेक्टर अमित मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। अमित मिश्रा को पुलिस सेवा से बर्खास्त भी कर दिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के आदेश पर की गई है।
थाना बिसरख क्षेत्र में कैब चालक से जबरन वसूली करने वाले ट्रेनी सब इंस्पेक्टर अमित मिश्रा और उसके दो साथियों अभिनव और आशीष के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उनके खिलाफ धारा 309 और 352 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो और हुंडई वेन्यू कार को जब्त कर लिया गया है। प्रशिक्षु उपनिरीक्षक अमित मिश्रा को उत्तर प्रदेश अधीनस्थ पुलिस अधिकारी दण्ड एवं अपील नियमावली 1991 के नियम 8(2)(बी) के अन्तर्गत गिरफ्तार कर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। उसके अन्य दो साथियों की तलाश की जा रही है। इस संबंध में कैब चालक व किसान नेताओं ने केंद्रीय मंत्री से शिकायत की थी। 5 अगस्त को पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर भी शिकायत की गई थी। इस मामले की जांच एसीपी 2 बिसरख को सौंपी गई थी। मामले की जांच के बाद एसीपी 2 ने घटना को सत्य पाया। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने इस घटना को दो दिन तक दबाए रखने और कोई कार्रवाई न करने पर नोएडा सेंट्रल की डीसीपी सुनीति को हटा दिया है। उनकी जगह शक्ति मोहन अवस्थी को डीसीपी नोएडा सेंट्रल के पद पर तैनात किया गया है। इसके अलावा एसएचओ बिसरख, चौकी इंचार्ज गौर सिटी-1, सब इंस्पेक्टर रमेश चंद्र और मोहित को सस्पेंड किया गया है।
कई थाना प्रभारी बदले गए हैं
नोएडा सेंट्रल के थाना प्रभारियों में भी फेरबदल किया गया है। सूरजपुर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह को बिसरख थाना प्रभारी बनाया गया है। इकोटेक थर्ड थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विनोद कुमार को सूरजपुर थाना प्रभारी बनाया गया है। जबकि इंस्पेक्टर अनिल पांडे को इकोटेक 3 का प्रभारी बनाया गया है।
क्या है पूरा मामला
2 अगस्त को रात करीब 1 बजे दिल्ली के पंचशील विहार से एक महिला यात्री को बिसरख थाना क्षेत्र के गौर सिटी इलेवन एवेन्यू में छोड़ने आए कैब चालक राकेश तोमर ने इंस्पेक्टर और उसके चार साथियों पर मारपीट करने और उससे 7 हजार रुपये छीनने का आरोप लगाया था। आरोप है कि प्रशिक्षु इंस्पेक्टर ने ऑनलाइन 3 हजार रुपये भी ले लिए। स्थानीय पुलिस चौकी पर जब उसकी शिकायत नहीं सुनी गई तो तीन दिन बाद पुलिस कमिश्नर से शिकायत की गई। कैब चालक का आरोप है कि दो कारों में सवार होकर पांच लोग उसके पास आए। उन्होंने उसे नीचे उतार दिया और उसके साथ अभद्रता की। उनमें से एक पुलिस की वर्दी में था। वे उसे और महिला यात्री को अपनी कार में बैठाकर सुनसान जगह पर ले गए। उन्होंने उसके साथ मारपीट की और उससे सात हजार रुपये छीन लिए। जब उसने कहा कि उसके पास खर्च के लिए पैसे नहीं हैं तो उन्होंने 500 रुपये लौटा दिए और उसे भगा दिया। शिकायत करने पर चौकी प्रभारी ने दरोगा को बुलाकर उसकी पहचान कराई, लेकिन अपना नाम नहीं बताया। उन्होंने सात हजार रुपये लौटाकर मामला निपटाने को कहा, लेकिन शिकायतकर्ता ऐसा करने को तैयार नहीं हुआ। मंगलवार को उसने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ने मामला सही पाया और पुलिस कमिश्नर को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद बड़ी कार्रवाई की गई।






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