अमर सैनी
नोएडा।छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले मामले के आरोपी विधू गुप्ता को यूपी एसटीएफ ने नोएडा से गिरफ्तार किया। आरोपी ने शराब माफिया व सरकार के ऊंचे पदों पर बैठे अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जी होलोग्राम बनाकर सरकारी दुकानों पर शराब की अवैध बिक्री कराई।
जानकारी के मुताबिक गुरुवार को यूपी एसटीएफ ने 1 बजे कासना, गौतमबुद्वनगर के रहने वाले विधू गुप्ता पुत्र स्वर्गीय घनश्याम दास को गिरफ्तार किया। विधू गुप्ता प्रिज्म होलोग्राफी एवं सिक्योरिटी फिल्म प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं। एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ कि विधू गुप्ता को प्रति होलोग्राम 8 पैसा कमीशन तथा अवैध शराब बेचने के लिए डुप्लीकेट होलोग्राम की सप्लाई करने की शर्त पर टेंडर मिला। बताया जा रहा है कि टेंडर मिलने के बाद विधू गुप्ता छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) के एमडी अरूण पति त्रिपाठी के निर्देशानुसार डुप्लीकेट होलोग्राम की सप्लाई छत्तीसगढ़ सक्रिय गैंग को करने लगा। गैंग के सदस्य डुप्लीकेट होलोग्राम को विधू गुप्ता से लेकर सीधे मेसर्स वेलकम डिस्टलरीज, छत्तीसगढ डिस्टलरीज लिमिटेड, भाटिया वाईन एण्ड मर्चेंट प्राइवेट लिमिटेड को पहुंचा देते। वहां पर उन होलोग्राम को अवैध शराब की बोतलों पर चिपकाया जाता। उन बोतलों को छत्तीसगढ़ राज्य के चिन्हित 15 जिलों के आबकारी विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा फर्जी ट्रांजिट पास पर अवैध शराब को सीएसएमसीएल की दुकानों पहुंचाया जाता।
तीन साल तक महीना 400 ट्रक अवैध शराब बेची
इन दुकानों पर गैंग के कर्मचारी रहते थे। जो अवैध शराब को असली शराब के साथ बेच देते। इसका पैसा अलग से इकठ्ठा करते। अवैध शराब से आया पैसा गैंग सदस्य अलग से कलेक्ट करते। इसके बाद पैसे को बड़े अधिकारियों के पास पहुंचाया जाता। गैंग में शामिल सभी सदस्यों का कमीशन फिक्स था। 2019 से 2022 तक हर महीने 400 ट्रक की अवैध शराब की सप्लाई की गई। इतना ही नहीं विधू गुप्ता ने होलोग्राम का टेंडर लेने के लिए राज्य आबकारी विभाग को 90 लाख की घूस दी। मामले में अनवर ढेवर इसी मामले से संबंधित एक अन्य मामले में ई.ओ.डब्ल्यू और एंटीकरप्शन ब्रांच, छत्तीसगढ़ गिरफ्तार कर जेल भेज चुका है। वहीं अनिल टुटेजा, आईएएस तत्कालीन सचिव इण्डस्ट्री को ईडी रायपुर छत्तीसगढ़ ने हिरासत में लिया है।



