Mobile Snatching Gang: चोरी की बाइक से मोबाइल झपटने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, फोन, नकदी और चाकू बरामद
नोएडा। चोरी की बाइक पर घूमकर राहगीरों के मोबाइल फोन झपटने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की बाइक, तीन मोबाइल फोन, दो हजार रुपये नकद और एक चाकू बरामद किया है। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक सोमवार देर रात टीम सेक्टर-62 क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि काले रंग की स्प्लेंडर बाइक पर तीन संदिग्ध युवक क्षेत्र में घूम रहे हैं।
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने संदिग्ध बाइक का पीछा शुरू किया। सेक्टर-62 के सामने पुलिस ने बाइक को ओवरटेक कर रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखकर बाइक सवार युवकों ने भागने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान उनकी बाइक फिसल गई।
बाइक गिरने के बाद पुलिस टीम ने तीनों युवकों को पकड़ लिया। पूछताछ में बाइक चला रहे युवक ने अपना नाम रोहित बताया, जबकि उसके साथियों की पहचान हर्ष कुमार और यशवंत के रूप में हुई।
पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी के रहने वाले हैं। तलाशी के दौरान उनके पास से मोबाइल फोन और चाकू बरामद हुए।
पूछताछ में आरोपियों ने कथित रूप से बताया कि वे नोएडा के विभिन्न क्षेत्रों में राह चलते लोगों को निशाना बनाते थे और मौका मिलते ही उनके मोबाइल फोन झपटकर फरार हो जाते थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से मिली स्प्लेंडर बाइक के बारे में जांच की तो वह चोरी की निकली। बाइक से संबंधित रिकॉर्ड और चोरी की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ के दौरान 17 अगस्त को सेक्टर-62 के पास हुई एक मोबाइल झपटमारी की घटना के बारे में भी जानकारी दी।
आरोपियों ने बताया कि उन्होंने ई-रिक्शा में जा रहे एक व्यक्ति से गूगल पिक्सल-6ए मोबाइल फोन छीना था। इसके बाद मोबाइल को कथित रूप से चार हजार रुपये में एक राहगीर को बेच दिया गया था।
मोबाइल बेचने से मिली रकम में से दो हजार रुपये आरोपियों के पास बचे थे, जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया है। पुलिस अब उस व्यक्ति के बारे में भी जानकारी जुटा रही है जिसे कथित रूप से चोरी या झपटमारी का मोबाइल बेचा गया था।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों के खिलाफ अन्य थानों में भी आपराधिक मामले दर्ज हो सकते हैं। पुलिस संबंधित थानों से उनका आपराधिक इतिहास जुटा रही है।
पुलिस के अनुसार आरोपी यशवंत पुलिस की पहचान से बचने के लिए अलग-अलग नामों का इस्तेमाल करता था। वह कथित रूप से अपना नाम यश और सागर भी बताता था।
तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के समय भी वे कथित रूप से चोरी या झपटमारी का मोबाइल फोन बेचने के लिए जा रहे थे। इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
पुलिस आरोपियों से बरामद तीनों मोबाइल फोन के संबंध में भी जांच कर रही है कि वे किन घटनाओं से संबंधित हैं और उनके असली मालिक कौन हैं।
इसके अलावा बाइक की चोरी, मोबाइल झपटमारी की अन्य घटनाओं और आरोपियों के संभावित साथियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों के आपराधिक इतिहास और उनके द्वारा की गई अन्य वारदातों की जांच की जा रही है। बरामद सामान के आधार पर संबंधित मामलों को भी जोड़कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

