Barola Encroachment: मंदिर बनाने की आड़ में जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप, निर्माण रुकवाने पहुंची नोएडा प्राधिकरण की टीम से अभद्रता
नोएडा। सेक्टर-49 के बरौला गांव में मंदिर निर्माण की आड़ में जमीन पर कथित रूप से अवैध कब्जा करने का मामला सामने आया है। मंगलवार को निर्माण रुकवाने पहुंची नोएडा प्राधिकरण की टीम के साथ कुछ लोगों द्वारा अभद्रता किए जाने का आरोप है। स्थिति बिगड़ने पर अधिकारियों को डायल-112 पर फोन कर पुलिस बुलानी पड़ी। प्राधिकरण ने सरकारी कार्य में बाधा डालने और अधिकारियों से अभद्रता करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है।
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार सेक्टर-76 मेट्रो स्टेशन से सटा बरौला गांव है। यहां जमीन के एक हिस्से पर कुछ लोगों द्वारा मंदिर बनाने की आड़ में कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा था।
अधिकारियों का कहना है कि संबंधित लोगों को पहले ही जमीन पर किसी तरह का निर्माण नहीं करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद मंगलवार को मौके पर पिलर लगाकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया।
निर्माण की जानकारी मिलने के बाद नोएडा प्राधिकरण के वर्क सर्किल-3 के वरिष्ठ प्रबंधक समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। टीम का उद्देश्य निर्माण कार्य को तत्काल रुकवाना और जमीन पर किसी भी तरह का कब्जा नहीं होने देना था।
आरोप है कि जैसे ही प्राधिकरण की टीम ने मौके पर निर्माण कार्य रोकने के लिए कहा, वहां मौजूद कुछ लोगों ने अधिकारियों का विरोध शुरू कर दिया।
प्राधिकरण अधिकारियों का आरोप है कि विरोध के दौरान कुछ लोगों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और सरकारी कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की।
स्थिति को देखते हुए प्राधिकरण के अधिकारियों ने डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
पुलिस के पहुंचने के बाद विरोध कर रहे लोग शांत हुए। इसके बाद प्राधिकरण की टीम ने जमीन की स्थिति और वहां किए जा रहे निर्माण की जानकारी जुटाई।
प्राधिकरण का कहना है कि संबंधित जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। जमीन की निगरानी भी की जाएगी ताकि दोबारा निर्माण शुरू न किया जा सके।
अधिकारियों के मुताबिक मंदिर या किसी अन्य निर्माण की आड़ में प्राधिकरण की जमीन पर कब्जा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। जमीन के स्वामित्व और उपयोग से जुड़े नियमों के अनुसार ही किसी प्रकार का निर्माण किया जा सकता है।
मामले में यह भी जांच की जा रही है कि निर्माण किसके द्वारा कराया जा रहा था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।
प्राधिकरण की टीम के साथ कथित अभद्रता और सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में संबंधित लोगों की पहचान की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत देकर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके लिए घटना से संबंधित जानकारी और उपलब्ध साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि बरौला क्षेत्र में संबंधित जमीन पर अवैध निर्माण या कब्जे की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
पुलिस और प्राधिकरण की ओर से पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर निर्माण कराने और सरकारी कार्य में बाधा डालने वाले लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।

