H1N1 Alert: नड्डा ने परखी तैयारियां, अस्पतालों में बेड-ऑक्सीजन से वेंटिलेटर तक की समीक्षा; राज्यों को सतर्क रहने के निर्देश
नई दिल्ली, 21 अगस्त। देश में एच1एन1 समेत मौसमी संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पतालों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। दिल्ली की स्थिति पर विशेष ध्यान देते हुए उन्होंने संक्रमण की निगरानी, जांच व्यवस्था और गंभीर मरीजों के इलाज के लिए उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली।
समीक्षा के दौरान आईएलआई यानी इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस और एसएआरआई यानी सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इंफेक्शन के मामलों की निगरानी पर चर्चा की गई। इसके साथ ही एच1एन1 की टेस्टिंग, प्रयोगशालाओं की क्षमता और संक्रमण के मामलों में होने वाले बदलाव की समय रहते पहचान करने की व्यवस्था का भी जायजा लिया गया।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में बेड और आईसीयू की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ऑक्सीजन सपोर्ट, वेंटिलेटर, आवश्यक दवाओं और जांच सुविधाओं को भी तैयार रखने को कहा गया, ताकि मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति में स्वास्थ्य सेवाओं पर अचानक दबाव न पड़े।
नड्डा ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि किसी क्षेत्र में संक्रमण के मामलों में असामान्य बढ़ोतरी या एक साथ कई मरीज सामने आने की स्थिति में उसकी तत्काल पहचान की जाए। ऐसे क्लस्टर की समय पर पहचान से संक्रमण के प्रसार को समझने और आवश्यक स्वास्थ्य उपाय करने में मदद मिल सकती है।
स्वास्थ्य अधिकारियों को सर्विलांस व्यवस्था मजबूत रखने और संक्रमण से जुड़े आंकड़ों पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। अस्पतालों और प्रयोगशालाओं के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया, ताकि गंभीर मरीजों की पहचान और उपचार में अनावश्यक देरी न हो।
लोगों को भी एच1एन1 और दूसरे श्वसन संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। नियमित रूप से हाथ साफ रखने, खांसते और छींकते समय मुंह-नाक ढकने तथा श्वसन स्वच्छता का पालन करने को कहा गया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने सांस लेने में परेशानी, गंभीर कमजोरी या अन्य चिंताजनक लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है। खास तौर पर गंभीर लक्षणों को सामान्य मौसमी बीमारी समझकर नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी गई है।
एच1एन1 के साथ ही राज्यों को डेंगू और मलेरिया जैसी मानसून से जुड़ी दूसरी बीमारियों पर भी सक्रिय निगरानी बनाए रखने को कहा गया है। मौसमी संक्रमण और मच्छरजनित बीमारियों के एक साथ सामने आने की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य एजेंसियों को अस्पतालों और स्थानीय स्तर पर तैयारियां मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का जोर संक्रमण के मामलों की समय पर पहचान, पर्याप्त जांच, अस्पतालों की तैयारी और लोगों के बीच बचाव संबंधी जागरूकता बढ़ाने पर है। राज्यों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार निगरानी मजबूत करते हुए किसी भी असामान्य स्थिति पर तेजी से कार्रवाई करने को कहा गया है।


