GTB Hospital: जीटीबी अस्पताल की इमरजेंसी 18 अगस्त से राजीव गांधी अस्पताल में होगी शिफ्ट, रोज करीब 1000 मरीजों को मिलेगी सेवा
नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जीटीबी अस्पताल में मरीजों की इमरजेंसी सेवाओं को लेकर बड़ा बदलाव घोषित किया गया है। अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि स्त्री रोग और बाल चिकित्सा इमरजेंसी को छोड़कर जीटीबी अस्पताल की अन्य सभी इमरजेंसी सेवाएं 18 अगस्त से राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में शिफ्ट कर दी जाएंगी। इस व्यवस्था के तहत बड़ी संख्या में मरीजों को अब राजीव गांधी अस्पताल में आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
जीटीबी अस्पताल की इमरजेंसी में रोजाना करीब 1000 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इमरजेंसी सेवाओं को दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित करने का फैसला मरीजों और अस्पताल प्रशासन दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। नई व्यवस्था के तहत मरीजों को आपातकालीन उपचार उपलब्ध कराने के लिए राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार स्त्री रोग और बाल चिकित्सा से संबंधित इमरजेंसी सेवाएं जीटीबी अस्पताल में ही जारी रहेंगी। अन्य सामान्य और गंभीर आपातकालीन मामलों को राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में उपचार के लिए भेजा जाएगा। इस बदलाव का उद्देश्य इमरजेंसी मरीजों के इलाज को व्यवस्थित तरीके से जारी रखना है।
इसके साथ ही जीटीबी अस्पताल में 250 बेड के ट्रॉमा सेंटर की स्थापना की योजना पर भी काम चल रहा है। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत प्रस्तावित इस ट्रॉमा सेंटर की मंजूरी प्रक्रिया जारी है। इसके स्थापित होने के बाद पूर्वी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले गंभीर दुर्घटना और ट्रॉमा मरीजों को बेहतर और समर्पित उपचार सुविधा मिलने की उम्मीद है।
250 बेड का ट्रॉमा सेंटर जीटीबी अस्पताल की आपातकालीन चिकित्सा क्षमता को भी मजबूत कर सकता है। ट्रॉमा मरीजों को समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा, सर्जरी और निगरानी की जरूरत होती है। ऐसे में समर्पित ट्रॉमा सुविधा उपलब्ध होने से गंभीर मरीजों के उपचार में मदद मिल सकती है।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जीटीबी अस्पताल में मरीजों के लिए विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। अस्पताल में भर्ती मरीजों को विशेष भोजन और खीर वितरित की गई। अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों ने मरीजों के साथ स्वतंत्रता दिवस की खुशियां साझा कीं और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
इमरजेंसी सेवाओं के स्थानांतरण के बीच अस्पताल प्रशासन के सामने बड़ी संख्या में आने वाले मरीजों के लिए सुचारु व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा। रोज करीब 1000 मरीजों की इमरजेंसी जरूरतों को देखते हुए राजीव गांधी अस्पताल में अतिरिक्त व्यवस्था और बेहतर समन्वय की आवश्यकता होगी। वहीं, प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर की मंजूरी और स्थापना से भविष्य में गंभीर मरीजों के इलाज के लिए जीटीबी अस्पताल की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।


