Social Security: एक दशक में 25 करोड़ से 100 करोड़ तक पहुंचा सामाजिक सुरक्षा कवरेज, युवाओं के लिए बढ़े रोजगार और उद्यमिता के अवसर
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से दिए अपने संबोधन में देश में सामाजिक सुरक्षा के विस्तार को महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में सामाजिक सुरक्षा का दायरा 25 करोड़ लोगों से बढ़कर 100 करोड़ लोगों तक पहुंच गया है। प्रधानमंत्री के अनुसार विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा किया जा सकता है, जब विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और हर वर्ग को सुरक्षा तथा आगे बढ़ने के अवसर मिलें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा का विस्तार देश में समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार की योजनाओं और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पहलों के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा के दायरे में लाया गया है। उन्होंने कहा कि देश जब 2047 तक विकसित भारत बनने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है, तब यह जरूरी है कि विकास की प्रक्रिया में कोई व्यक्ति पीछे न छूटे।
प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में आयुष्मान भारत योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को आयुष्मान भारत के तहत पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा देने की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को गंभीर बीमारियों के इलाज के दौरान होने वाले बड़े आर्थिक खर्च से राहत देना और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा के विस्तार के साथ देश में युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, इनोवेशन फंड और ड्रोन नीति जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे युवाओं को नई तकनीक, कौशल और कारोबार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
देश में स्टार्टअप इकोसिस्टम के विस्तार का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2.5 लाख से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हो चुके हैं। स्टार्टअप क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों से युवाओं के लिए रोजगार पैदा होने के साथ नए व्यवसाय शुरू करने और तकनीक आधारित समाधान विकसित करने के अवसर भी बढ़े हैं।
स्किल इंडिया के माध्यम से युवाओं को रोजगार बाजार की बदलती जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करने पर जोर दिया जा रहा है। वहीं डिजिटल इंडिया के विस्तार ने युवाओं और उद्यमियों के लिए डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन कारोबार और तकनीकी क्षेत्र में नए अवसर खोले हैं। इन पहलों को विकसित भारत की अर्थव्यवस्था में युवा शक्ति की भागीदारी बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
ड्रोन तकनीक और इससे जुड़े नए क्षेत्रों को भी रोजगार और उद्यमिता के संभावित स्रोत के तौर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। कृषि, सर्वेक्षण, आपदा प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स और अन्य क्षेत्रों में ड्रोन के इस्तेमाल से तकनीकी सेवाओं के नए बाजार विकसित हो रहे हैं। इससे युवाओं के लिए नए कौशल और व्यवसाय के अवसर पैदा होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक अवसरों को विकसित भारत के व्यापक लक्ष्य से जोड़ते हुए कहा कि देश की प्रगति का वास्तविक अर्थ तभी है, जब इसका लाभ व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचे। सामाजिक सुरक्षा का विस्तार, स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, युवाओं के लिए कौशल और रोजगार के अवसर तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति आने वाले वर्षों में देश के विकास की सबसे बड़ी ताकतों में से एक होगी। रोजगार के पारंपरिक अवसरों के साथ-साथ स्टार्टअप, तकनीक, नवाचार और नए व्यवसायों के क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी बढ़ाकर देश की अर्थव्यवस्था को नई गति दी जा सकती है।


