E-Rickshaw Battery Theft: ई-रिक्शा की बैटरी चुराने वाले गिरोह के 4 शातिर गिरफ्तार, 13 बैटरी और 414 सेल बरामद
नोएडा। शहर और दिल्ली-एनसीआर में ई-रिक्शा से बैटरी चोरी करने वाले एक गिरोह का फेस-1 थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 13 स्मार्ट लिथियम बैटरी, 414 लिथियम बैटरी सेल और 11,800 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी सुनसान स्थानों पर खड़े ई-रिक्शा को निशाना बनाते थे और बैटरी निकालकर फरार हो जाते थे।
फेस-1 थाना प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार शुक्ला के अनुसार, पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त और संदिग्ध लोगों की निगरानी कर रही थी। ई-रिक्शा से बैटरी चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए स्थानीय सूचना तंत्र को सक्रिय किया गया था। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से भी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।
जांच के दौरान पुलिस को गिरोह के बारे में महत्वपूर्ण सूचना मिली। इसके आधार पर पुलिस टीम ने सेक्टर-14 और सेक्टर-15 के बीच बने पुल के पास घेराबंदी की। पुलिस ने मौके से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान 21 वर्षीय कासिम उर्फ लक्की, 29 वर्षीय रहीश उल्ला, 28 वर्षीय शाहनवाज और 23 वर्षीय रिजवान के रूप में हुई है।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर ई-रिक्शा की बैटरी चोरी करने का तरीका बताया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में घूमकर पहले ऐसे ई-रिक्शा की रेकी करते थे, जो सुनसान स्थानों पर खड़े होते थे। इसके बाद मौका मिलते ही वे ई-रिक्शा से बैटरी निकाल लेते थे और चोरी की गई बैटरियों को किसी सुरक्षित और छिपी हुई जगह पर रख देते थे।
आरोपियों के मुताबिक, चोरी की गई बैटरियों को तुरंत बेचने के बजाय वे उन्हें छिपाकर रखते थे। जब किसी आरोपी को पैसों की जरूरत होती थी, तब छिपाकर रखी गई बैटरियों में से एक या कुछ बैटरियां निकालकर कबाड़ियों को बेच दी जाती थीं। बिक्री से मिलने वाली रकम को चारों आरोपी आपस में बांट लेते थे।
पुलिस जांच में गिरोह का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने दक्षिणी दिल्ली के जैतपुर क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में बैटरियां चोरी की थीं। इस संबंध में जैतपुर थाने में मुकदमा दर्ज है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले भी जैतपुर थाना क्षेत्र की चोरी की घटनाओं में जेल जा चुके हैं।
फेस-1 थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बरामद बैटरियों और लिथियम बैटरी सेल को जांच में शामिल किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह ने दिल्ली-एनसीआर में अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है और चोरी की बैटरियां किन-किन कबाड़ियों को बेची जाती थीं।
पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और चोरी की घटनाओं के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान ई-रिक्शा बैटरी चोरी से जुड़े और मामलों का खुलासा हो सकता है।



