
West Champaran : (मृत्युंजय) : सावन के पहले सोमवार को रामनगर स्थित उत्तर बिहार के प्राचीन नीलकंठ नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। बिहार, उत्तर प्रदेश के साथ नेपाल से आए शिवभक्त यहां जलाभिषेक करने पहुंचे।
वाल्मीकिनगर की त्रिवेणी नदी से जल भरकर करीब 60 किलोमीटर की दूरी तय कर कावड़ियों का जत्था मंदिर पहुंचता है। रविवार देर शाम से ही रास्ते भर बोल बम के नारों की गूंज सुनाई दे रही थी। कावड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालु रातभर पैदल चलते हुए सोमवार सुबह रामनगर पहुंचे।
सुबह चार बजे मंदिर के कपाट खोले गए। इसके बाद से देर शाम तक मंदिर का गर्भगृह हर महादेव और बोल बम के जयकारों से गूंजता रहा। शिवभक्त कतार में लगकर बाबा नर्मदेश्वर पर जल और बेलपत्र अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना करते दिखे।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही पुख्ता इंतजाम किए थे। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई। यातायात और भीड़ नियंत्रण के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई थी। मंदिर समिति की ओर से परिसर के चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं ताकि असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सके। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था भी की गई थी।
श्रद्धालुओं का कहना है कि सावन के हर सोमवार को यहां देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन पहले सोमवार को भीड़ सबसे अधिक होती है। भक्तों में गहरी आस्था है कि नर्मदेश्वर महादेव के दर्शन और जलाभिषेक से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।