Zero Dispute Village: जीरो डिस्प्यूट विलेज योजना के तहत किसानों को मिलेंगे आबादी भूखंड, एक महीने में 253 प्लॉट होंगे आवंटित

Zero Dispute Village: जीरो डिस्प्यूट विलेज योजना के तहत किसानों को मिलेंगे आबादी भूखंड, एक महीने में 253 प्लॉट होंगे आवंटित
नोएडा, 15 जुलाई। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने किसानों के भूमि संबंधी विवादों को तेजी से समाप्त करने के लिए ‘जीरो डिस्प्यूट विलेज’ नीति पर काम शुरू कर दिया है। इस पहल के तहत किसानों को आबादी भूखंडों का आवंटन समयबद्ध तरीके से किया जाएगा। योजना की शुरुआत ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सैनी और रोजा याकूबपुर गांवों से की गई है, जहां अगले एक महीने के भीतर 253 पात्र किसानों को भूखंड देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बुधवार को किसानों के लंबित मामलों की समीक्षा बैठक के दौरान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने अधिकारियों को अनावश्यक देरी पर कड़ी नाराजगी जताई और सभी प्रक्रियाएं तय समय में पूरी करने के निर्देश दिए।
प्राधिकरण ने सैनी गांव के लिए एसीईओ सुमित यादव और रोजा याकूबपुर के लिए एसीईओ प्रेरणा सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। दोनों अधिकारियों को संबंधित विभागों और समितियों से सभी आवश्यक अनुमोदन प्राप्त कर पात्र किसानों को समय पर भूखंड आवंटित कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
सीईओ के निर्देश पर एसीईओ सुमित यादव ने सैनी गांव में उस भूमि का निरीक्षण भी किया जहां किसानों को आबादी भूखंड दिए जाने हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नियोजन विभाग तुरंत सैनी के 76 और रोजा याकूबपुर के 177 पात्र किसानों की सूची प्रकाशित करे तथा री-प्लानिंग, शिफ्टिंग कमेटी की संस्तुति और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी करे।
प्राधिकरण ने दोनों गांवों में आवश्यक री-प्लानिंग के लिए नियोजन विभाग को 10 दिन का समय दिया है। साथ ही वर्क सर्किल को भी इस कार्य में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का लक्ष्य है कि अगले एक महीने के भीतर सभी पात्र किसानों को आबादी भूखंड आवंटित कर दिए जाएं।
इसके अलावा घंघौला गांव में 38 भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया भी जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं शेष 18 दावेदारों की पात्रता सत्यापन की जिम्मेदारी ओएसडी अभिषेक पाठक को सौंपी गई है। प्राधिकरण का कहना है कि इस योजना के सफल क्रियान्वयन से किसानों के लंबे समय से लंबित भूमि विवादों का समाधान तेजी से हो सकेगा।




