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Delhi: राजधानी के जंगलों में विकसित होंगे औषधीय वन, आयुष मंत्री ने दिल्ली सरकार को दिया बड़ा सुझाव

Delhi: राजधानी के जंगलों में विकसित होंगे औषधीय वन, आयुष मंत्री ने दिल्ली सरकार को दिया बड़ा सुझाव

दिल्ली को अधिक हरित, स्वस्थ और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में अब औषधीय पौधों को भी विशेष महत्व दिए जाने की तैयारी है। केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने दिल्ली सरकार के महत्वाकांक्षी वनरोपण अभियान की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर राजधानी में दो समर्पित औषधीय वन विकसित करने का सुझाव दिया है। साथ ही उन्होंने प्रस्तावित नए वनों में कम से कम 20 प्रतिशत क्षेत्र औषधीय पौधों के लिए आरक्षित करने की भी सिफारिश की है।

केंद्रीय मंत्री का मानना है कि इस पहल से पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ आयुष चिकित्सा प्रणाली के लिए गुणवत्तापूर्ण औषधीय पौधों की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि औषधीय वन भविष्य में जनस्वास्थ्य, शोध और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

प्रतापराव जाधव ने दिल्ली सरकार की उस योजना की भी सराहना की, जिसके तहत 70 लाख से अधिक स्वदेशी पौधे लगाने, 70 से अधिक जल निकाय विकसित करने और लगभग 6,000 हेक्टेयर भूमि को वन क्षेत्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। उनके अनुसार यह योजना राजधानी की वायु गुणवत्ता सुधारने और पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने सुझाव दिया कि अश्वगंधा, गिलोय, तुलसी, ब्राह्मी, शतावरी, आंवला, अर्जुन, अशोक और नीम जैसी महत्वपूर्ण औषधीय प्रजातियों का बड़े स्तर पर रोपण किया जाए। इससे न केवल आयुष क्षेत्र को गुणवत्तापूर्ण कच्चा माल मिलेगा, बल्कि जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राजधानी में औषधीय वनों का विकास किया जाता है तो यह पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों में औषधीय पौधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी मददगार होगा। आने वाले वर्षों में यह पहल दिल्ली को अधिक हरित, स्वस्थ और टिकाऊ शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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