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Indian Coast Guard: दूरस्थ समुद्री क्षेत्रों में निगरानी के लिए तैयार होगा नया ब्लूप्रिंट, अत्याधुनिक जहाजों पर मंथन

Indian Coast Guard: दूरस्थ समुद्री क्षेत्रों में निगरानी के लिए तैयार होगा नया ब्लूप्रिंट, अत्याधुनिक जहाजों पर मंथन

बदलती समुद्री सुरक्षा चुनौतियों और दूरस्थ समुद्री क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी को मजबूत करने के उद्देश्य से भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने भविष्य के अत्याधुनिक जहाजों की रूपरेखा तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इसी उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित तटरक्षक मुख्यालय में ‘एक्सटेंडिंग कैपेबिलिटी फॉर डिस्टेंट होराइजंस’ विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें देश के प्रमुख शिपयार्ड, डिजाइन विशेषज्ञ और समुद्री सुरक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

सम्मेलन का उद्घाटन तटरक्षक महानिदेशक परमेश शिवमणि ने किया। इस दौरान भविष्य की समुद्री सुरक्षा आवश्यकताओं, लंबी दूरी तक निगरानी करने वाले जहाजों की डिजाइन, नई तकनीकों के उपयोग और परिचालन क्षमताओं को बेहतर बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई।

सम्मेलन में जीआरएसई, कोचीन शिपयार्ड, गोवा शिपयार्ड, एलएंडटी शिपबिल्डिंग सहित कई प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। भारतीय तटरक्षक बल के नौसैनिक वास्तुकारों और तकनीकी अधिकारियों ने भविष्य के स्पेशल रोल तथा मल्टी-रोल जहाजों की डिजाइन, तकनीकी मानकों और संचालन संबंधी आवश्यकताओं पर विचार-विमर्श किया।

बैठक के दौरान आधुनिक जहाज निर्माण तकनीक, डिजिटल वैलिडेशन, स्वदेशी तकनीक के उपयोग, समुद्री अभियानों की दक्षता बढ़ाने और लंबी दूरी तक निगरानी करने में सक्षम प्लेटफॉर्म विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए अत्याधुनिक तकनीक से लैस जहाज भारतीय समुद्री सीमाओं की सुरक्षा को नई मजबूती देंगे।

भारतीय तटरक्षक बल का उद्देश्य ऐसे आधुनिक जहाज विकसित करना है जो लंबी अवधि तक समुद्र में तैनात रह सकें, दूरस्थ क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी कर सकें और आपदा राहत, खोज एवं बचाव अभियान तथा समुद्री कानून प्रवर्तन जैसी विभिन्न जिम्मेदारियों को अधिक दक्षता के साथ निभा सकें। सम्मेलन में हुई चर्चा भविष्य की समुद्री सुरक्षा रणनीति को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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