Sunday, 8 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Lucknow : योगी सरकार का राज्य कर्मचारियों को दीपावली का तोहफा, महंगाई भत्ता 58 से बढ़ाकर 63 प्रतिशत कियाLucknow : सीएम योगी के नेतृत्व में सौर क्रांति की ओर उत्तर प्रदेश, पीएम सूर्य घर योजना में देश में पहले नंबर परAyodhya : देश में श्रीराम के आचरण को जी रहे दो योगी, एक ‘कर्मयोगी’ मोदी और दूसरे सीएम योगी- सी.पी. राधाकृष्णनAyodhya : पुष्पक विमान से उतरे प्रभु श्रीराम, सीएम योगी ने माला पहनाकर किया स्वागतAyodhya : रामभक्तों पर गोली चलाने और संतों का अपमान करने वाले अयोध्या आएं तो माफी मांगकर आएं- मुख्यमंत्रीAyodhya : राम भारत की आत्मा और राष्ट्रीय चेतना के आधार, दीपोत्सव भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का वैश्विक उत्सव- राज्यपालAyodhya : योगी सरकार में संभव हुआ मां कौशल्या की पहली शोभायात्रा का आयोजनAyodhya : श्रीरामजन्मभूमि मंदिर संपूर्ण हिंदू स्वाभिमान का स्मारक- उपराष्ट्रपति

Delhi: राजधानी के जंगलों में विकसित होंगे औषधीय वन, आयुष मंत्री ने दिल्ली सरकार को दिया बड़ा सुझाव

Delhi: राजधानी के जंगलों में विकसित होंगे औषधीय वन, आयुष मंत्री ने दिल्ली सरकार को दिया बड़ा सुझाव

दिल्ली को अधिक हरित, स्वस्थ और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में अब औषधीय पौधों को भी विशेष महत्व दिए जाने की तैयारी है। केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने दिल्ली सरकार के महत्वाकांक्षी वनरोपण अभियान की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर राजधानी में दो समर्पित औषधीय वन विकसित करने का सुझाव दिया है। साथ ही उन्होंने प्रस्तावित नए वनों में कम से कम 20 प्रतिशत क्षेत्र औषधीय पौधों के लिए आरक्षित करने की भी सिफारिश की है।

केंद्रीय मंत्री का मानना है कि इस पहल से पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ आयुष चिकित्सा प्रणाली के लिए गुणवत्तापूर्ण औषधीय पौधों की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि औषधीय वन भविष्य में जनस्वास्थ्य, शोध और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

प्रतापराव जाधव ने दिल्ली सरकार की उस योजना की भी सराहना की, जिसके तहत 70 लाख से अधिक स्वदेशी पौधे लगाने, 70 से अधिक जल निकाय विकसित करने और लगभग 6,000 हेक्टेयर भूमि को वन क्षेत्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। उनके अनुसार यह योजना राजधानी की वायु गुणवत्ता सुधारने और पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने सुझाव दिया कि अश्वगंधा, गिलोय, तुलसी, ब्राह्मी, शतावरी, आंवला, अर्जुन, अशोक और नीम जैसी महत्वपूर्ण औषधीय प्रजातियों का बड़े स्तर पर रोपण किया जाए। इससे न केवल आयुष क्षेत्र को गुणवत्तापूर्ण कच्चा माल मिलेगा, बल्कि जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राजधानी में औषधीय वनों का विकास किया जाता है तो यह पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों में औषधीय पौधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी मददगार होगा। आने वाले वर्षों में यह पहल दिल्ली को अधिक हरित, स्वस्थ और टिकाऊ शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Priyanka Singh

संबंधित खबरें