Health: डॉक्टर की पर्ची के बिना नहीं मिलेगी अधिक अल्कोहल वाली दवा, केंद्र सरकार ने बदले नियम

Health: डॉक्टर की पर्ची के बिना नहीं मिलेगी अधिक अल्कोहल वाली दवा, केंद्र सरकार ने बदले नियम
केंद्र सरकार ने अधिक मात्रा में एथिल अल्कोहल वाली दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए ड्रग्स रूल्स, 1945 में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। नए नियमों के तहत अब ऐसी सभी औषधीय तैयारियां, जिनमें 12 प्रतिशत से अधिक एथिल अल्कोहल हो और जिनकी मात्रा 30 एमएल से ज्यादा हो, उन्हें शेड्यूल-के की छूट से बाहर कर दिया गया है। इसके साथ ही इन दवाओं को अब शेड्यूल-एच1 के दायरे में भी शामिल किया गया है।
सरकार के इस फैसले के बाद अब इन दवाओं के निर्माण और बिक्री के लिए ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। साथ ही इन दवाओं की बिक्री केवल पंजीकृत चिकित्सक के वैध पर्चे पर ही की जा सकेगी। मेडिकल स्टोर संचालकों को इनकी बिक्री का पूरा रिकॉर्ड भी निर्धारित नियमों के अनुसार सुरक्षित रखना होगा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, कई राज्यों से शिकायतें मिली थीं कि अधिक अल्कोहल वाली कुछ औषधियों का चिकित्सीय उपयोग के बजाय नशे के लिए दुरुपयोग किया जा रहा था। विशेष रूप से इलायची, अदरक और अन्य सुगंधित टिंचर जैसी कुछ दवाओं में 80 से 90 प्रतिशत तक एथिल अल्कोहल पाया जाता है, जिनका गलत तरीके से इस्तेमाल किए जाने की घटनाएं सामने आई थीं।
सरकार का कहना है कि नए नियम लागू होने के बाद ऐसी दवाओं की निगरानी और नियंत्रण पहले की तुलना में अधिक प्रभावी होगा। इससे उनके अवैध उपयोग पर रोक लगाने में मदद मिलेगी, जबकि वास्तविक मरीजों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं पहले की तरह उपलब्ध होती रहेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से औषधीय उत्पादों के दुरुपयोग को रोकने के साथ-साथ दवा वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और मरीजों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। सरकार का उद्देश्य चिकित्सा उपयोग और सार्वजनिक स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाए रखते हुए दवाओं के गलत इस्तेमाल पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।





