ESIC Hospital Noida: ब्रेन हेमरेज मरीज को रेफर न करने पर ईएसआईसी अस्पताल में हंगामा, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

ESIC Hospital Noida: ब्रेन हेमरेज मरीज को रेफर न करने पर ईएसआईसी अस्पताल में हंगामा, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
नोएडा। सेक्टर-24 स्थित ईएसआईसी अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब ब्रेन हेमरेज से पीड़ित एक महिला मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप था कि अस्पताल में न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं होने के बावजूद मरीज को पिछले तीन दिनों से भर्ती रखा गया है और बेहतर इलाज के लिए किसी अन्य अस्पताल में रेफर नहीं किया जा रहा है।
मरीज के रिश्तेदार मोनू ने बताया कि उनकी मामी प्रिया को ब्रेन हेमरेज होने के बाद तीन दिन पहले ईएसआईसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिवार का कहना है कि मरीज की स्थिति गंभीर है और उसे न्यूरोलॉजी विशेषज्ञों की निगरानी में इलाज की आवश्यकता है। परिजनों के अनुसार अस्पताल में न्यूरोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं है, इसके बावजूद मरीज को दूसरे विशेषज्ञ अस्पताल में रेफर नहीं किया गया।
परिजनों का आरोप है कि उन्होंने कई बार डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन से मरीज को ऐसे अस्पताल भेजने की मांग की, जहां न्यूरो विशेषज्ञ उपलब्ध हों, लेकिन उनकी मांग पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना था कि इलाज में हो रही देरी के कारण मरीज की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है और परिवार मानसिक तनाव से गुजर रहा है।
तीन दिनों तक मरीज को रेफर नहीं किए जाने से नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध जताना शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना मिलने पर अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। कुछ समय तक अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि मरीज की स्थिति को देखते हुए आवश्यक जांचें कराई जा रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद मरीज के इलाज और आगे की प्रक्रिया को लेकर निर्णय लिया जाएगा। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीज को चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार ही उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
डॉक्टरों द्वारा स्थिति स्पष्ट किए जाने और जांच प्रक्रिया की जानकारी देने के बाद परिजन कुछ हद तक शांत हुए। हालांकि उन्होंने मरीज के इलाज को लेकर अपनी चिंता बरकरार रखी और जल्द उचित निर्णय लेने की मांग की।
ईएसआईसी अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. हरनाम कौर ने कहा कि उन्हें मरीज को रेफर न किए जाने को लेकर हुए हंगामे की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार का कोई मामला सामने आया है तो इसकी जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता और गंभीर मरीजों के रेफरल सिस्टम को लेकर सवाल खड़े कर रही है। परिजनों का कहना है कि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के मामलों में समय पर उचित निर्णय लिया जाना बेहद जरूरी है, ताकि मरीज को बेहतर उपचार मिल सके।
फिलहाल अस्पताल प्रशासन मामले की जानकारी जुटाने और स्थिति की समीक्षा करने की बात कह रहा है, जबकि परिजन मरीज के बेहतर इलाज के लिए जल्द निर्णय की मांग कर रहे हैं।





