Kasna Bus Depot: कासना बस डिपो में बनेगा इलेक्ट्रिक वाहनों का चार्जिंग स्टेशन, ई-बस संचालन को मिलेगी मजबूती

Kasna Bus Depot: कासना बस डिपो में बनेगा इलेक्ट्रिक वाहनों का चार्जिंग स्टेशन, ई-बस संचालन को मिलेगी मजबूती

नोएडा। ग्रेटर नोएडा में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। कासना बस डिपो में इलेक्ट्रिक वाहनों और ई-बसों के लिए अत्याधुनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया जाएगा। इस संबंध में हुई उच्चस्तरीय बैठक में निर्णय लिया गया है और परियोजना की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अधिकारियों का मानना है कि चार्जिंग स्टेशन बनने से क्षेत्र में संचालित इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को नई मजबूती मिलेगी और भविष्य में ई-बसों की संख्या बढ़ाने में भी सुविधा होगी। अधिकारियों के अनुसार शहर में इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होने के बाद चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। वर्तमान में ई-बसों के संचालन के साथ-साथ उनके नियमित चार्जिंग प्रबंधन को लेकर भी योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। इसी क्रम में कासना बस डिपो को चार्जिंग स्टेशन के लिए उपयुक्त स्थान के रूप में चुना गया है।

बताया गया कि कासना डिपो में बसों को खड़ा करने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध है। यही वजह है कि यहां बड़े स्तर पर चार्जिंग सुविधाएं विकसित करना आसान होगा। योजना के तहत ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में संचालित 25 इलेक्ट्रिक बसों में से 10 बसों को कासना डिपो में खड़ा किया जाएगा। इन बसों की नियमित चार्जिंग और रखरखाव के लिए आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रिक बसों के सफल संचालन के लिए केवल बसें खरीदना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि चार्जिंग स्टेशन, रखरखाव केंद्र और अन्य तकनीकी सुविधाओं का मजबूत नेटवर्क तैयार करना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से कासना डिपो में आधुनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना बनाई गई है।

वर्तमान में पहले चरण के तहत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने वाले चार प्रमुख मार्गों पर ई-बसों का संचालन किया जा रहा है। इन बसों को यात्रियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को सस्ती और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन सेवा उपलब्ध कराने का भी प्रयास किया जा रहा है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण आंतरिक परिवहन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों का सर्वे कराया जा रहा है ताकि यात्रियों की जरूरतों के अनुसार नए रूट निर्धारित किए जा सकें। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में ई-बसों के रूट और संख्या दोनों बढ़ाई जा सकती हैं।

योजना के विस्तार को देखते हुए चार्जिंग स्टेशन जैसी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना प्राथमिकता में शामिल किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि यदि चार्जिंग नेटवर्क पर्याप्त और सुचारु होगा तो इलेक्ट्रिक बसों का संचालन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रवि कुमार एनजी ने इस संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से सभी जरूरी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से विकसित करने पर जोर दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों और चार्जिंग स्टेशनों के विस्तार से न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन सुविधा भी उपलब्ध होगी। आने वाले समय में ग्रेटर नोएडा का सार्वजनिक परिवहन तंत्र इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में एक मॉडल के रूप में उभर सकता है।

 

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