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Noida: नई नौकरियां देने में नोएडा प्रदेश में नंबर वन, ग्रेटर नोएडा और मेरठ भी शीर्ष जिलों में शामिल

Noida: नई नौकरियां देने में नोएडा प्रदेश में नंबर वन, ग्रेटर नोएडा और मेरठ भी शीर्ष जिलों में शामिल

नोएडा। रोजगार सृजन के क्षेत्र में गौतमबुद्ध नगर ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के आंकड़ों के अनुसार पहली बार नौकरी देने के मामले में नोएडा पूरे उत्तर प्रदेश में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। इस सूची में ग्रेटर नोएडा दूसरे और मेरठ तीसरे स्थान पर है। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत पहली बार नौकरी पाने वाले और दोबारा रोजगार प्राप्त करने वाले कर्मचारियों का रिकॉर्ड तैयार किया गया है। योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रोत्साहन राशि भी पहुंचनी शुरू हो गई है। ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक अगस्त 2025 से अब तक 5,785 कंपनियां प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत पंजीकृत हो चुकी हैं। जबकि कुल 6,478 कंपनियों को इस योजना से जोड़ा जाना है और शेष कंपनियों के पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है। पंजीकृत कंपनियों में पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले कर्मचारियों की संख्या 1,37,824 दर्ज की गई है। वहीं दोबारा नौकरी प्राप्त करने वाले कर्मचारियों की संख्या 4,55,622 तक पहुंच चुकी है, जो प्रदेश में रोजगार गतिविधियों के तेजी से बढ़ने का संकेत है। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रथम सुयश पांडे ने बताया कि योजना के तहत नई नौकरियां सृजित करने वाली कंपनियों को भी प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। हालांकि यह लाभ केवल उन्हीं कंपनियों को मिलेगा जिन्होंने वास्तव में नए पदों का सृजन किया है। यदि किसी कर्मचारी को हटाकर उसकी जगह दूसरे कर्मचारी को नियुक्त किया गया है तो ऐसी स्थिति में कंपनी प्रोत्साहन राशि की पात्र नहीं होगी। उन्होंने बताया कि अगस्त 2025 में पहली बार नौकरी पाने वाले अधिकांश कर्मचारियों के खातों में प्रोत्साहन राशि भेजी जा चुकी है और शेष लाभार्थियों के खातों में भी जल्द राशि पहुंचा दी जाएगी। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना युवाओं और नियोक्ताओं दोनों के लिए लाभकारी योजना साबित हो रही है। यह योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच पहली बार औपचारिक कार्यबल में शामिल होने वाले युवाओं और उन्हें रोजगार देने वाली कंपनियों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। योजना के तहत पहली बार ईपीएफओ में पंजीकृत कर्मचारियों को एक माह के ईपीएफ वेतन के बराबर प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जिसकी अधिकतम सीमा 15 हजार रुपये निर्धारित की गई है। यह राशि दो चरणों में प्रदान की जाती है। पहली किस्त कर्मचारी द्वारा छह महीने की लगातार नौकरी पूरी करने के बाद और दूसरी किस्त 12 महीने की सेवा पूर्ण होने पर आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे जमा की जाती है। वहीं कंपनियों को प्रत्येक नए कर्मचारी के लिए प्रति माह तीन हजार रुपये तक का प्रोत्साहन दो वर्षों तक दिया जाता है। विनिर्माण क्षेत्र में अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाली कंपनियों को यह लाभ चार वर्षों तक प्रदान करने का प्रावधान है। रोजगार योजना के लाभार्थियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवाद की भी तैयारी की जा रही है। ईपीएफओ से मिली जानकारी के अनुसार 19 जून को प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के लाभार्थियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कर सकते हैं। इस कार्यक्रम में कुछ लाभार्थी नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में सीधे शामिल होंगे, जबकि देशभर के विभिन्न शहरों के लाभार्थी वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे। गौतमबुद्ध नगर से करीब 80 लाभार्थियों के कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा सेक्टर-62 स्थित नेशनल ओपन स्कूल में लगभग 300 और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण परिसर में करीब 400 लाभार्थियों के एकत्र होने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में तेजी से बढ़ते औद्योगिक निवेश, आईटी कंपनियों के विस्तार और नई परियोजनाओं के कारण रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यही कारण है कि गौतमबुद्ध नगर प्रदेश में रोजगार उपलब्ध कराने के मामले में अग्रणी बनकर उभरा है और आने वाले समय में यह आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है।

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