Yuvraj Mehta Case: युवराज मेहता मामले में चर्चा में आए मनिंदर और उसका भाई गिरफ्तार, रंगदारी मांगने का आरोप

Yuvraj Mehta Case: युवराज मेहता मामले में चर्चा में आए मनिंदर और उसका भाई गिरफ्तार, रंगदारी मांगने का आरोप
नोएडा। नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की पानी में डूबने से हुई मौत के मामले के बाद चर्चा में आए डिलीवरी बॉय मनिंदर को पुलिस ने रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में उसके भाई नरेंद्र को भी हिरासत में लिया है। दोनों पर रेस्टोरेंट संचालकों और रेहड़ी-पटरी कारोबारियों को धमकाकर अवैध वसूली करने का आरोप है। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। ग्रेटर नोएडा के पुलिस उपायुक्त और अपर पुलिस उपायुक्त के पर्यवेक्षण में नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने गुरुवार को सेक्टर-150 क्षेत्र से मनिंदर और उसके भाई नरेंद्र को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी महरचंद के पुत्र हैं और गढ़ी समस्तीपुर क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों भाइयों के खिलाफ स्थानीय व्यापारियों और रेहड़ी संचालकों को डरा-धमकाकर रंगदारी वसूलने की शिकायतें मिल रही थीं। आरोप है कि वे विभिन्न रेस्टोरेंट संचालकों और ढकेल लगाने वाले लोगों से हर महीने 20 से 25 हजार रुपये तक की रकम मांगते थे। रंगदारी नहीं देने पर कारोबार प्रभावित करने और धमकाने की बात भी सामने आई है।
एक पीड़ित द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि मनिंदर और नरेंद्र के खिलाफ पहले भी कानूनी कार्रवाई हो चुकी है। पुलिस के अनुसार, दोनों के विरुद्ध पूर्व में गुंडा एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई थी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या दोनों किसी संगठित वसूली गिरोह से जुड़े हुए थे या स्वतंत्र रूप से इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे।
उल्लेखनीय है कि मनिंदर का नाम हाल ही में उस समय सुर्खियों में आया था जब नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार पानी में गिर गई थी। उस घटना के बाद मनिंदर ने दावा किया था कि युवराज को समय पर मदद नहीं मिली और वह स्वयं उन्हें बचाने के लिए पानी में उतरा था। इस बयान के बाद उसका नाम मीडिया और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया था। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध वसूली और रंगदारी जैसी गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।




