Uttar Pradesh : दिल्ली अग्निकांड के बाद अलर्ट, होटल-रेस्टोरेंट में चला फायर सेफ्टी अभियान, कमियां मिलने पर होगी कार्रवाई

Hapur : दिल्ली में हाल ही में हुई भीषण आग की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में कई लोगों की जान जाने के बाद उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग भी अलर्ट मोड पर आ गया है। इसी क्रम में महानिदेशक अग्निशमन एवं आपात सेवा मुख्यालय लखनऊ के निर्देश पर गुरुवार को हापुड़ में बड़े स्तर पर विशेष फायर सेफ्टी अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व मुख्य अग्निशमन अधिकारी अजय शर्मा ने किया। फायर विभाग की टीमों ने हापुड़ और पिलखुवा के प्रमुख होटल, रेस्टोरेंट और अन्य भीड़भाड़ वाले प्रतिष्ठानों में पहुंचकर फायर ऑडिट किया तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन जांच की। अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली जैसे हादसों से सबक लेते हुए जनपद में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी अजय शर्मा ने बताया कि होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल और क्लब ऐसे स्थान हैं जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में यदि अग्नि सुरक्षा मानकों में जरा सी भी कमी हो तो हादसा बड़ी त्रासदी में बदल सकता है। इसी को देखते हुए हितकारी होटल, सिटी प्लाजा, आरके प्लाजा, आरके रेस्टोरेंट, कमल डोसा, धर्मा होटल, क्राउन प्लाजा और रेलवे रोड स्थित टुनाइट होटल सहित कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। वहीं पिलखुवा में आरएन रेजीडेंसी, एसआर रेजीडेंसी और द वेलवेट लाउंज समेत विभिन्न संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को परखा गया। निरीक्षण के दौरान फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था, फायर हाइड्रेंट सिस्टम और भवनों की आपदा प्रबंधन तैयारियों की जांच की गई। अधिकारियों ने यह भी देखा कि यदि भवन में अचानक आग लग जाए तो वहां मौजूद लोगों को कितनी जल्दी और सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला जा सकता है। कई स्थानों पर कर्मचारियों से आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की जानकारी भी ली गई।
अभियान के दौरान फायर विभाग ने मॉक ड्रिल और इवैक्यूएशन ड्रिल आयोजित कर कर्मचारियों और प्रबंधन को आग लगने की स्थिति में अपनाए जाने वाले कदमों की जानकारी दी। कर्मचारियों को अग्निशमन यंत्रों के संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया और बताया गया कि शुरुआती आग को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है। ड्रिल के दौरान यह भी समझाया गया कि किसी भी भवन में आग लगने पर सबसे पहले लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना जरूरी होता है। घबराहट और अफरा-तफरी से बचने के लिए पूर्व तैयारी और प्रशिक्षण बेहद आवश्यक है।