Gopal murder case: गोपाल हत्याकांड पर पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने उठाए सवाल, उच्च स्तरीय जांच की मांग
Gopal murder case: गोपाल हत्याकांड पर पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने उठाए सवाल, उच्च स्तरीय जांच की मांग
ग्रेटर नोएडा के जेवर थाना क्षेत्र स्थित बनवारीबास गांव में 15 वर्षीय छात्र गोपाल शर्मा की हत्या का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अब इस मामले में बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर घटना को बेहद दुखद बताया और मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार गांव बनवारीबास निवासी रवि भूषण उर्फ बंटी का 15 वर्षीय बेटा गोपाल शर्मा 21 मई को घर के बाहर से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिवार ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। अगले दिन 22 मई की रात करीब 11 बजे गोपाल का शव पास के रोही गांव स्थित एक खाली मकान में बरामद हुआ था। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्र की मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका था। इसके बाद बिसरा जांच के लिए लैब भेजा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज की और 27 मई को घटना का खुलासा करने का दावा किया। पुलिस के अनुसार मुठभेड़ के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
हालांकि, पुलिस द्वारा किए गए खुलासे और गिरफ्तारी के बावजूद मृतक के परिजन कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने मामले की जांच सही तरीके से नहीं की और कई महत्वपूर्ण सवाल अब भी अनसुलझे हैं। परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं।
इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि छात्र की हत्या बेहद दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग करते हुए मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की आवश्यकता बताई। मायावती की प्रतिक्रिया के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया है।
स्थानीय लोगों में भी घटना को लेकर आक्रोश बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।
फिलहाल पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है और बिसरा रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। वहीं परिजनों और ग्रामीणों की नजर अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।