अमित शाह ने भुज सीमा पर जवानों से किया संवाद, G-7 और G-13 बॉर्डर आउट पोस्ट का लोकार्पण; ‘चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड’ का किया ऐलान
भुज में भारत-पाक सीमा पर बीएसएफ जवानों का बढ़ाया मनोबल, आधुनिक तकनीक से ‘लीक-प्रूफ सुरक्षा ग्रिड’ बनाने की बात; सर क्रीक और हरामी नाला क्षेत्र को सुरक्षित करने का रोडमैप पेश
रोहित शर्मा, राहुल द्रविड़ न्यूयॉर्क की बारिश में भीगने से बचने के लिए कार की ओर भागे, वीडियो वायरल- देखेंगुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित G-7 बॉर्डर आउट पोस्ट पर शुक्रवार को केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बीएसएफ जवानों से संवाद किया और G-7 तथा G-13 बॉर्डर आउट पोस्ट का लोकार्पण किया। इस दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, गृह मंत्रालय और सीमा सुरक्षा से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने सीमा पर तैनात बीएसएफ जवानों के साहस, समर्पण और कठिन परिस्थितियों में निभाई जा रही जिम्मेदारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बीएसएफ जवान -45 डिग्री से लेकर +45 डिग्री तापमान तक, बेहद विषम भौगोलिक और मौसम संबंधी परिस्थितियों में देश की सीमाओं की सुरक्षा कर रहे हैं। शाह ने कहा कि जब देश के जवान बिना थके अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं, तब सरकार को भी उनकी सुविधाओं और सुरक्षा को बेहतर बनाने में कोई कमी नहीं छोड़नी चाहिए।
गृह मंत्री ने बीएसएफ के 60 वर्षों के योगदान को याद करते हुए 2000 से अधिक शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि बीएसएफ ने कच्छ के दुर्गम रेगिस्तान, सर क्रीक और हरामी नाला जैसे दलदली क्षेत्रों से लेकर जम्मू-कश्मीर की बर्फीली चोटियों और पूर्वोत्तर के जंगलों तक देश की सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार सीमा सुरक्षा को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए ‘लीक-प्रूफ सुरक्षा ग्रिड’ तैयार कर रही है। उन्होंने बताया कि सीमा क्षेत्रों में वॉच टावर, कनेक्टिंग रोड, पेयजल, मेडिकल सुविधाएं, रहने की बेहतर व्यवस्था और आधुनिक फेंसिंग का तेजी से विकास किया जा रहा है। जहां भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पारंपरिक फेंसिंग संभव नहीं है, वहां तकनीकी फेंसिंग और आधुनिक निगरानी तंत्र का उपयोग किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार ड्रोन, रडार, अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली और स्मार्ट बॉर्डर सिक्योरिटी प्रोजेक्ट के माध्यम से ऐसा मजबूत सुरक्षा तंत्र तैयार कर रही है, जिससे सीमा को भेदना लगभग असंभव हो जाएगा। शाह ने कहा कि सर क्रीक और हरामी नाला जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए व्यापक काम किया जा रहा है और अगले दो वर्षों में यह क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगा।
अपने संबोधन में अमित शाह ने ‘चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड’ की नई अवधारणा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अब केवल सीमा सुरक्षा नहीं बल्कि ‘टेरिटोरियल सुरक्षा’ पर भी ध्यान दिया जाएगा, जिसमें जनता, सिविल प्रशासन, स्थानीय पुलिस, सेना और बीएसएफ मिलकर काम करेंगे। उनका कहना था कि सामूहिक भागीदारी से सीमा सुरक्षा को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
गृह मंत्री ने पश्चिम बंगाल में सीमा फेंसिंग का भी जिक्र किया और कहा कि वहां लंबे समय से भूमि उपलब्ध न होने के कारण कई हिस्सों में फेंसिंग अधूरी थी, लेकिन राज्य में नई सरकार बनने के बाद इस दिशा में प्रगति शुरू हुई है और सीमावर्ती क्षेत्रों में फेंसिंग के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि फेंसिंग पूरी होने के बाद घुसपैठ रोकने में बड़ी सफलता मिलेगी।
अमित शाह ने कहा कि पूरा देश बीएसएफ जवानों के पराक्रम, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को सलाम करता है। उन्होंने कहा कि सीमा पर तैनात जवानों के कारण ही देश के नागरिक सुरक्षित वातावरण में जीवन जी पा रहे हैं। साथ ही सरकार जवानों की सुविधाओं को बेहतर बनाने और आधुनिक तकनीकों के जरिए सीमा सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।





