Noida Mobile Theft Gang:नोएडा में मोबाइल चोरी गैंग का बड़ा खुलासा! झारखंड में बेचता था चोरी के फोन, आरोपी को कोर्ट से नहीं मिली राहत
Noida Mobile Theft Gang:नोएडा में मोबाइल चोरी गैंग का बड़ा खुलासा! झारखंड में बेचता था चोरी के फोन, आरोपी को कोर्ट से नहीं मिली राहत
नोएडा में साप्ताहिक बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से मोबाइल फोन चोरी कर उन्हें झारखंड में बेचने वाले संगठित गिरोह के एक आरोपी को अदालत से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने आरोपी शेखर की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने मामले की गंभीरता, बड़ी संख्या में बरामद मोबाइल फोन और आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए राहत देने से साफ इनकार कर दिया।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक यह मामला थाना फेस-2 क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। पुलिस ने 6 जनवरी 2026 की रात सेक्टर-80 स्थित सैमसंग तिराहे के पास कार्रवाई करते हुए आरोपी शेखर और उसके साथियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा है कि आरोपियों के पास से 80 मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई थी।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। जांच में सामने आया कि गिरोह नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली के साप्ताहिक बाजारों तथा भीड़भाड़ वाले इलाकों में लोगों के मोबाइल फोन चोरी करता था। चोरी किए गए मोबाइल फोन को आरोपी अपने किराए के कमरों में जमा करते थे और बड़ी संख्या में मोबाइल इकट्ठा होने के बाद उन्हें झारखंड ले जाकर सस्ते दामों में बेच दिया जाता था।
पुलिस के अनुसार आरोपी राह चलते लोगों को कम कीमत में मोबाइल बेचकर मोटी कमाई करते थे। गिरफ्तारी के समय आरोपी और उसके साथी मोबाइल फोन लेकर झारखंड जाने की तैयारी में थे। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह एक संगठित और सक्रिय चोरी गिरोह था जो लंबे समय से कई राज्यों में वारदातों को अंजाम दे रहा था।
आरोपी पक्ष के वकील ने अदालत में दलील दी कि इस मामले के अन्य आरोपी श्याम कुमार राय, प्रदीप, रोहित सैनी और गोविंदा को इलाहाबाद हाईकोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है, इसलिए शेखर को भी राहत दी जानी चाहिए। हालांकि अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि इस पूरे गिरोह के कब्जे से अब तक कुल 821 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। इतनी बड़ी संख्या में मोबाइल फोन की बरामदगी से साफ है कि यह कोई साधारण चोरी का मामला नहीं बल्कि संगठित अपराध का हिस्सा है। अदालत ने इसी आधार पर आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के मोबाइल खरीदने वाले नेटवर्क की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे भी कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
