Manipur: मणिपुर में असम राइफल्स का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन, अपहृत महिला को सकुशल बचाया गया

Manipur: मणिपुर में असम राइफल्स का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन, अपहृत महिला को सकुशल बचाया गया
मणिपुर के संवेदनशील कमजोंग जिले में असम राइफल्स ने एक बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए अपहृत महिला को सुरक्षित छुड़ा लिया। इस कार्रवाई के दौरान महिलाओं और बच्चों समेत 15 ग्रामीणों को भी हिंसा प्रभावित इलाके से सुरक्षित निकाला गया। सुरक्षा एजेंसियों की इस तेज कार्रवाई से क्षेत्र में बड़ा तनाव टल गया और लोगों ने राहत की सांस ली।
अधिकारियों के अनुसार तांगखुल समुदाय की महिला ओलिना निंगशेन का कथित तौर पर केएनए(बी) गुट और विलेज वॉलंटियर्स ईस्टर्न जोन (वीवीईजेड) द्वारा अपहरण किया गया था। महिला को जेड चोरो गांव के दक्षिणी क्षेत्र से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में सुरक्षित रिहा कराया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन में असम राइफल्स, खुफिया एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
महिला को छुड़ाने के बाद पहले सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया, जहां उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया और मनोवैज्ञानिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई। सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद महिला को उसके परिवार को सौंप दिया गया।
जानकारी के मुताबिक 7 मई की सुबह भारत-म्यांमार सीमा के पास जेड चोरो और नामली क्षेत्र में अचानक तनाव और हिंसा की स्थिति पैदा हो गई थी। हालात बिगड़ने पर असम राइफल्स ने तुरंत कई रेस्क्यू टीमें तैनात कीं। सुरक्षा बलों ने हिंसा प्रभावित 10 घरों को सुरक्षित किया और महिलाओं व बच्चों सहित 15 ग्रामीणों को सुरक्षित कैंप में पहुंचाया।
इसके साथ ही इलाके में बड़े स्तर पर सर्च और सैनिटाइजेशन ऑपरेशन भी चलाया गया ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। अभियान के दौरान चुराचांदपुर क्षेत्र से केएनए-बी संगठन के एक उग्रवादी लाल थाग जॉन को हथियार, मैगजीन और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार किया गया। बाद में उसे स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया।
असम राइफल्स ने बयान जारी कर कहा कि मणिपुर के संवेदनशील इलाकों में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए लगातार गश्त और निगरानी अभियान चलाए जा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी प्रकार की हिंसा या अस्थिरता को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं।





