Mansukh Mandaviya: ग्रासरूट खेल युवाओं और समाज की बदल सकते हैं तस्वीर : डॉ. मनसुख मांडविया

Mansukh Mandaviya: ग्रासरूट खेल युवाओं और समाज की बदल सकते हैं तस्वीर : डॉ. मनसुख मांडविया
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री Mansukh Mandaviya ने कहा है कि जमीनी स्तर पर खेले जाने वाले खेल युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की बड़ी ताकत रखते हैं। नई दिल्ली में आयोजित ‘बिचरपुर- जुनून फुटबॉल का’ डॉक्यूमेंट्री की विशेष स्क्रीनिंग के दौरान उन्होंने कहा कि खेल केवल मनोरंजन या प्रतियोगिता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने का माध्यम भी हैं।
डॉ. मांडविया ने कहा कि कई बार युवा गलत रास्तों की ओर बढ़ जाते हैं, लेकिन खेल उन्हें नई सोच, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि खेलों से जुड़ने के बाद युवाओं के जीवन में बड़ा परिवर्तन देखा गया है। खेल मानसिक मजबूती बढ़ाने के साथ टीम भावना और सामाजिक जिम्मेदारी का भी विकास करते हैं।
उन्होंने कहा कि देश में ग्रासरूट स्तर पर खेलों को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है, क्योंकि गांव और छोटे समुदायों से ही भविष्य के बड़े खिलाड़ी निकलते हैं। खेल युवाओं को अनुशासित जीवन जीना सिखाते हैं और उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करते हैं। यही कारण है कि सरकार लगातार खेल संस्कृति को मजबूत करने पर काम कर रही है।
अपने संबोधन में डॉ. मांडविया ने कर्नाटक के कूर्ग क्षेत्र की कोडावा समुदाय का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि वहां खेल केवल एक गतिविधि नहीं बल्कि सामुदायिक परंपरा का हिस्सा हैं, जो लोगों में एकता, जिम्मेदारी और देशभक्ति की भावना को मजबूत करते हैं।
खेल मंत्री ने प्रेरणादायक खेल कहानियों के दस्तावेजीकरण पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब संघर्ष और सफलता की कहानियां लोगों तक पहुंचती हैं, तो वे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन जाती हैं। प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सम्मान और मंच मिलने से युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और देश को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव मिलता है।
‘बिचरपुर- जुनून फुटबॉल का’ डॉक्यूमेंट्री को भी उन्होंने युवाओं को प्रेरित करने वाला प्रयास बताया। यह फिल्म ग्रासरूट फुटबॉल और खेलों के सामाजिक प्रभाव को दर्शाती है, जिसमें बताया गया है कि कैसे खेल समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।





