Greater Noida West: ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जाम से राहत, चार मूर्ति अंडरपास अगले तीन माह में होगा शुरू
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। चार मूर्ति यानी गौड़ चौक से तिगरी गोलचक्कर के बीच बन रहा अंडरपास तेजी से तैयार किया जा रहा है और अब इसका लगभग 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। प्राधिकरण ने अगले तीन माह के भीतर इस अंडरपास को जनता के लिए खोलने का लक्ष्य तय किया है। इसके शुरू होने के बाद इस क्षेत्र में रोजाना लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
यह अंडरपास करीब 720 मीटर लंबा बनाया जा रहा है, जो ग्रेटर नोएडा वेस्ट और गाजियाबाद के बीच आवागमन को काफी आसान बना देगा। खासतौर पर गौर सिटी-1, गौर सिटी-2 और आसपास की 30 से अधिक सोसाइटियों में रहने वाले लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में इस मार्ग पर सुबह से लेकर देर रात तक वाहनों का भारी दबाव रहता है, जिसके कारण लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है।
प्राधिकरण की ओर से चार मूर्ति चौक के दोनों ओर सर्विस रोड को चौड़ा करने का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार जमीन की उपलब्धता के आधार पर इन सर्विस मार्गों को दो लेन से बढ़ाकर तीन लेन तक किया जा रहा है। इस पूरी परियोजना पर करीब आठ करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर ने बताया कि प्रयास किया जा रहा है कि सड़क चौड़ीकरण और अंडरपास निर्माण का काम जल्द पूरा कर लोगों को बेहतर यातायात सुविधा दी जा सके।
इसके साथ ही गौड़ चौक और तिगरी गोलचक्कर के बीच नए यू-टर्न बनाने का काम भी जारी है। प्राधिकरण ने इस कार्य को जुलाई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। नए यू-टर्न बनने से तिगरी गोलचक्कर पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और वाहन चालकों को बिना लंबा चक्कर लगाए आसानी से रास्ता बदलने की सुविधा मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंडरपास, चौड़ी सर्विस रोड और नए यू-टर्न बनने के बाद इस पूरे इलाके की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। खासतौर पर राष्ट्रीय राजमार्ग-24 की ओर जाने वाले लोगों को सफर में काफी सहूलियत होगी। वर्तमान में ग्रेटर नोएडा वेस्ट से गाजियाबाद और दिल्ली की तरफ जाने वाले हजारों वाहन रोजाना इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं, जिससे जाम की समस्या गंभीर बनी रहती है।
प्राधिकरण का कहना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद न केवल ट्रैफिक जाम कम होगा, बल्कि यात्रा का समय भी घटेगा और लोगों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन का लाभ मिलेगा।


