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New Delhi : आठ दिनों तक कला प्रेमियों को बांधे रखने वाली ‘अभिव्यंजना’ प्रदर्शनी का समापन

Rohtak/New Delhi : दादा लख्मीचंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) में पिछले आठ दिनों से चल रही कला प्रदर्शनी ‘अभिव्यंजना’ का रविवार को समापन हो गया। कला, संस्कृति और रचनात्मकता का अनूठा संगम बनी इस प्रदर्शनी ने पूरे आयोजन के दौरान कला प्रेमियों, छात्रों, शिक्षकों और आम लोगों को आकर्षित किए रखा। रविवार को फ्लैग ऑफ के साथ प्रदर्शनी का औपचारिक समापन किया गया। इस अवसर पर यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार डॉ. गुंजन मलिक मनोचा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।

डीएलसीसुपवा की फैकल्टी ऑफ डिजाइन बिल्डिंग में तीन मई को यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति और प्रदेश के राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष ने प्रदर्शनी का शुभारंभ किया था। फैकल्टी ऑफ विजुअल आर्ट्स के छात्रों की ओर से आयोजित यह प्रदर्शनी अपने 11वें संस्करण में ‘अभिव्यंजना’ नाम से आयोजित की गई। शुरुआत में प्रदर्शनी आठ मई तक प्रस्तावित थी, लेकिन कला प्रेमियों और दर्शकों के उत्साह को देखते हुए इसे दो दिन और बढ़ा दिया गया।

समापन अवसर पर डॉ. गुंजन मलिक मनोचा की उपस्थिति में फ्लैग ऑफ की प्रक्रिया पूरी कर प्रदर्शनी के समापन की घोषणा की गई। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए फैकल्टी ऑफ विजुअल आर्ट्स के स्टाफ सदस्यों और छात्रों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल कला प्रदर्शनी नहीं, बल्कि छात्रों की प्रतिभा, कल्पनाशीलता और रचनात्मक सोच का जीवंत उदाहरण रहा। औपचारिक समापन दोपहर में होने के बावजूद आम लोगों के लिए प्रदर्शनी शाम पांच बजे तक खुली रही। रविवार होने के कारण बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शनी देखने पहुंचे। इस दौरान फैकल्टी ऑफ विजुअल आर्ट्स के कोऑर्डिनेटर विनय कुमार सहित स्टाफ सदस्य और छात्र मौजूद रहे।

यूनिवर्सिटी के कुलगुरु डॉ. अमित आर्य ने सफल आयोजन के लिए सभी स्टाफ सदस्यों और छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनी छात्रों की सालभर की मेहनत और रचनात्मकता का प्रदर्शन होती है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी हर साल छात्रों को ऐसा मंच उपलब्ध कराती है, जहां वे अपनी कला और विचारों को समाज के सामने प्रस्तुत कर सकें।

फैकल्टी ऑफ आर्ट्स के अंतर्गत आने वाले एप्लाइड आर्ट, पेंटिंग, प्रिंट मेकिंग, स्कल्पचर, एनिमेशन और फाउंडेशन विभागों के 300 से अधिक छात्रों की दो हजार से ज्यादा कलाकृतियां प्रदर्शनी का हिस्सा बनीं। इनमें पेंटिंग, इंस्टॉलेशन, स्केच, डिजिटल आर्ट, मूर्तिकला, प्रिंट आर्ट और कई इनोवेटिव आर्टवर्क शामिल रहे। प्रदर्शनी के दौरान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, पूर्व आईएएस अधिकारी विवेक अत्रे और पहलवान योगेश्वर दत्त सहित कई शिक्षाविदों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी पहुंचकर छात्रों की कला का अवलोकन किया।

डॉ. अमित आर्य ने कहा कि आने वाले समय में इस प्रदर्शनी को और अधिक व्यापक और भव्य स्वरूप दिया जाएगा। यूनिवर्सिटी का प्रयास रहेगा कि भविष्य में इस आयोजन को यूनिवर्सिटी परिसर से बाहर भी बड़े स्तर पर आयोजित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक छात्रों की रचनात्मकता पहुंच सके।

फैकल्टी ऑफ विजुअल आर्ट्स के कोऑर्डिनेटर विनय कुमार ने बताया कि ‘अभिव्यंजना’ केवल कला प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह कला और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का साझा मंच बनकर उभरी। प्रदर्शनी में लगाए गए ओपन स्टेज पर प्रतिदिन शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें यूनिवर्सिटी के विभिन्न विभागों के छात्रों ने डांस, म्यूजिक, गायन, अभिनय और कविता पाठ के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि कला प्रेमियों के साथ-साथ कई स्कूलों के छात्रों ने भी प्रदर्शनी का दौरा किया और प्रेरणादायक अनुभव लेकर गए।

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