
New Delhi : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि राजधानी को अब केवल ट्रांजिट हब के रूप में नहीं, बल्कि एक प्रमुख वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। शनिवार को आयोजित पर्यटन हितधारक सम्मेलन में उन्होंने यह बात कही। सम्मेलन में पर्यटन, आतिथ्य, विरासत, आध्यात्मिक, डिजिटल, मेडिकल और वेलनेस टूरिज्म, नाइट टूरिज्म और दिल्ली की ब्रैंड पोजिशनिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।

रेखा गुप्ता ने कहा कि उद्योग जगत, नीति-निर्माताओं और विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी से सम्मेलन में कई ठोस और उपयोगी सुझाव सामने आए हैं, जिन्हें आगामी नीतियों और योजनाओं में शामिल किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की राजधानी होने के कारण दिल्ली का वैश्विक स्तर पर विशेष महत्व है और इसे एक ऐसी डेस्टिनेशन सिटी के रूप में विकसित करने का समय आ गया है, जहां पर्यटक ठहरें, अनुभव लें और बार-बार लौटकर आएं।
उन्होंने दिल्ली की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां संसद, राष्ट्रपति भवन, इंडिया गेट और प्रधानमंत्री संग्रहालय जैसे प्रमुख स्थल मौजूद हैं, वहीं लाल किला और कुतुब मीनार जैसी ऐतिहासिक धरोहर, विविध संस्कृति और देशभर के स्वादों से भरपूर खानपान इसे एक सम्पूर्ण पर्यटन अनुभव प्रदान करते हैं। सरकार राजधानी की सकारात्मक ब्रैंडिंग पर विशेष जोर दे रही है, ताकि दिल्ली को पर्यटन के साथ-साथ चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में भी एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार बड़े कॉन्सर्ट, फिल्म फेस्टिवल और सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा दे रही है, जिससे दिल्ली की वैश्विक पहचान मजबूत हो रही है। फिल्म नीति और सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योग को सरल, पारदर्शी और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सम्मेलन के दौरान दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम द्वारा पर्यटन क्षेत्र में सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। अगोडा, मेक माई ट्रिप फाउंडेशन और सभ्यता फाउंडेशन के साथ साझेदारी के जरिए डिजिटल इनोवेशन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, अवसंरचना विकास और सतत पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।
दिल्ली के कला, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि राजधानी को विश्वस्तरीय पर्यटन हब बनाने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। दिल्ली टूरिज्म बोर्ड के गठन, सिंगल विंडो क्लीयरेंस व्यवस्था, प्रमुख प्रवेश द्वारों के सौंदर्यीकरण, यूनिटी मॉल के निर्माण और दिल्ली की विरासत, संस्कृति व खानपान को एकीकृत कर नए पर्यटन अनुभव विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सम्मेलन से मिले सुझावों को आगामी नीतियों में शामिल कर दिल्ली को पर्यटन, संस्कृति और आतिथ्य के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।



