Uttar Pradesh : नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम: डॉ. अरुण सक्सेना

Bulandshahar News : गंगा नगर स्थित भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय में महिला जन आक्रोश अभियान के तहत आयोजित प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश सरकार के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश की महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी में सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को नीति निर्माण में उचित स्थान दिलाने का माध्यम बनेगा।
प्रेस वार्ता का संचालन जिला मीडिया प्रभारी अभिनव वर्मा ने किया, जबकि इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अंतुल तेवतिया, खुर्जा विधायक मीनाक्षी सिंह, स्याना विधायक देवेंद्र लोधी, डिबाई विधायक सी पी सिंह, पूर्व मंत्री नरेंद्र भाटी, पूर्व विधायक विमला सोलंकी, अनीता लोधी, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष शशि शर्मा, जिला महामंत्री संतोष वाल्मीकि, दीपक दुल्हेरा, जिला उपाध्यक्ष रीता लोधी और कल्पना वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
डॉ. सक्सेना ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी देने की बात आती है, विपक्ष बहाने बनाकर इसे टालने का प्रयास करता है। उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर निशाना साधते हुए कहा कि दशकों तक महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व से वंचित रखा गया और आज भी तकनीकी कारणों का हवाला देकर उनके अधिकारों में देरी की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं को नीति निर्माण में भागीदारी देना कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका संवैधानिक अधिकार है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सुनिश्चित किया जा रहा है। डॉ. सक्सेना ने कहा कि विपक्ष का विरोध प्रक्रिया से अधिक महिलाओं को आरक्षण देने के मूल विचार के प्रति असहमति को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि यह समय दलगत राजनीति से ऊपर उठकर महिलाओं के अधिकारों का समर्थन करने का है। विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के लागू होने से किसी भी राज्य या क्षेत्र के साथ अन्याय नहीं होगा, बल्कि पूरे देश में संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा।
अंत में उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से लोकतंत्र को मजबूत करने और महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए एकजुट होने की अपील की।



