Noida CNG Safety Lapse: बिना फायर एक्सटिंग्विशर दौड़ रहे सीएनजी वाहन, यात्रियों की सुरक्षा खतरे में

Noida CNG Safety Lapse: बिना फायर एक्सटिंग्विशर दौड़ रहे सीएनजी वाहन, यात्रियों की सुरक्षा खतरे में
नोएडा: शहर में रोजाना हजारों लोग आवागमन के लिए सीएनजी ऑटो और बसों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इन वाहनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय बन गई है। सड़कों पर बड़ी संख्या में सीएनजी वाहन बिना फायर एक्सटिंग्विशर के दौड़ रहे हैं, जबकि नियमों के अनुसार यह उपकरण अनिवार्य रूप से होना चाहिए। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
सबसे चिंताजनक स्थिति रोडवेज से संचालित बसों की बताई जा रही है। नोएडा डिपो की अधिकतर बसें सीएनजी पर चलती हैं, लेकिन इनमें भी जरूरी सुरक्षा उपकरणों की कमी देखी जा रही है। यदि किसी बस में गैस रिसाव, शॉर्ट सर्किट या आग लगने जैसी घटना होती है, तो शुरुआती स्तर पर आग पर काबू पाना बेहद मुश्किल हो सकता है, जिससे बड़ी दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
परिवहन विभाग के नियमों के मुताबिक सीएनजी वाहनों की फिटनेस जांच के दौरान फायर एक्सटिंग्विशर, गैस किट की स्थिति और सिलेंडर की वैधता की जांच अनिवार्य होती है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर इन नियमों का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है। कई वाहन बिना जरूरी जांच और सुरक्षा उपकरणों के ही सड़कों पर चल रहे हैं, जो लापरवाही को दर्शाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवहन विभाग इस मामले में सख्ती नहीं दिखा रहा है। नियमित जांच की कमी के कारण वाहन चालक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं और यात्रियों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
हालांकि, एआरटीओ नंद कुमार ने कहा कि वाहनों की जांच लगातार की जा रही है और खामियां मिलने पर कार्रवाई भी की जाती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि ऐसे वाहनों की पहचान कर सख्त कदम उठाए जाएंगे। बावजूद इसके, जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है, जिससे यात्रियों में चिंता बढ़ रही है।





