Noida Labour Protest: श्रमिक हिंसा पर सियासी घमासान, सपा-कांग्रेस का योगी सरकार पर तीखा हमला

Noida Labour Protest: श्रमिक हिंसा पर सियासी घमासान, सपा-कांग्रेस का योगी सरकार पर तीखा हमला
नोएडा में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन ने अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले लिया है। घटना के बाद समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिससे मामला और गरमा गया है। विपक्ष लगातार सरकार की कार्यशैली और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है, जबकि प्रशासन अपने कदमों को उचित ठहरा रहा है।
समाजवादी पार्टी की ओर से नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय और अतुल प्रधान के नेतृत्व में 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल नोएडा पहुंचा। यह प्रतिनिधिमंडल श्रमिकों के परिजनों से मिलने जा रहा था, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद सपा नेताओं ने मौके पर ही धरना देते हुए सरकार विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे डीएनडी क्षेत्र में ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ। बाद में पुलिस सभी नेताओं को अपने साथ पुलिस लाइन ले गई।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने में कोई कमी नहीं छोड़ी। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने श्रमिक आंदोलन में पाकिस्तान कनेक्शन की बात को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश में सरकार खुद की है, तो किसी भी साजिश या बाहरी एंगल का सामने आना सरकार की विफलता को दर्शाता है।
अजय राय ने नोएडा में बातचीत के दौरान हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं के लिए सीधे तौर पर योगी आदित्यनाथ सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार श्रमिकों के वेतन और अधिकारों को लेकर उन्हें गुमराह कर रही है और उनका शोषण हो रहा है। कांग्रेस ने मांग की कि श्रमिकों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं, गिरफ्तार लोगों को रिहा किया जाए और लाठीचार्ज में शामिल पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि जब वह सेक्टर-52 से श्रमिकों से मिलने फेज-2 जा रहे थे, तब उन्हें कांग्रेस कार्यालय में ही साथियों के साथ नजरबंद कर दिया गया। इसी तरह नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कई सपा और कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट या रास्ते में रोके जाने की खबरें भी सामने आईं।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच नोएडा का श्रमिक आंदोलन अब केवल मजदूरों के मुद्दों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सियासी टकराव का केंद्र बन चुका है। विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है, जबकि प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं।
इसी दौरान सेक्टर-8 में भी स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जहां एक कंपनी में काम करने वाली महिलाएं सड़क पर उतर आईं। मौके पर पहुंचे पुलिस कमिश्नर ने खुद स्थिति संभाली और महिलाओं से बातचीत कर उन्हें शांत कराया, जिसके बाद वे वापस काम पर लौट गईं। इलाके में एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
आने वाले दिनों में अन्य राजनीतिक दलों के भी नोएडा पहुंचने की संभावना है, जिससे यह मामला और ज्यादा सियासी रूप ले सकता है।
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