
New Delhi : डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को देश को समर्पित किया। इस मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता वर्चुअल रूप से कार्यक्रम में शामिल हुईं और इसे राजधानी के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह दिन देश के लिए विशेष महत्व रखता है और लगभग 12,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह एक्सप्रेसवे दिल्ली और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल दूरी को कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिल्ली की आधुनिकता को देवभूमि की आध्यात्मिकता से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण सेतु भी है।
उन्होंने बताया कि इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय लगभग 6 से 7 घंटे से घटकर 2 से 2.5 घंटे रह जाएगा, जिससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और व्यापार व पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
रेखा गुप्ता ने केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राजधानी में परिवहन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काम हो रहा है। उनके अनुसार, दिल्ली में करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जो शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बना रही हैं।
उन्होंने कहा कि देश में एक्सप्रेसवे और हाई-स्पीड कॉरिडोर का नेटवर्क तेजी से बढ़ा है और यह 3,000 किलोमीटर से अधिक हो चुका है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क भी 51,000 किलोमीटर से बढ़कर लगभग 1,46,000 किलोमीटर तक पहुंच गया है, जो विकास की रफ्तार को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वय को विकास का प्रमुख आधार बताते हुए कहा कि दिल्ली में कई सड़कों को एनएचएआई को सौंपा गया है, जिससे उनके रखरखाव और विस्तार में सुधार होगा। साथ ही, मुनक नहर पर प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना से ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है और आने वाले समय में नई योजनाओं के जरिए राजधानी को और सशक्त बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य के अनुरूप दिल्ली विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगी।





