UP Board Evaluation Delay: कॉपियां नहीं पहुंचीं, पहले दिन बिना जांच लौटे शिक्षक

UP Board Evaluation Delay: कॉपियां नहीं पहुंचीं, पहले दिन बिना जांच लौटे शिक्षक
नोएडा में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन बुधवार से शुरू होना था, लेकिन पहले ही दिन व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी। निर्धारित मूल्यांकन केंद्रों पर कॉपियां समय पर नहीं पहुंचीं, जिसके चलते सैकड़ों शिक्षक बिना काम किए ही वापस लौटने को मजबूर हो गए। इस अव्यवस्था ने पूरे मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि मूल्यांकन के लिए कुल 700 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। सभी शिक्षक समय पर केंद्रों पर पहुंचे, लेकिन कॉपियों की अनुपलब्धता के कारण प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि कॉपियों को लेकर ट्रक पहुंचने शुरू हो गए हैं, फिलहाल केवल चित्रकला विषय की कॉपियां ही केंद्रों पर पहुंच पाई हैं।
मूल्यांकन के लिए सेक्टर-12 स्थित जीजीआईसी को इंटरमीडिएट की कॉपियों के लिए और बादलपुर स्थित जीजीआईसी को हाईस्कूल की कॉपियों के लिए केंद्र बनाया गया है। दोनों केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या अनियमितता को रोका जा सके।
बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार इस बार मूल्यांकन कार्य के लिए शिक्षकों को प्रति कॉपी के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। हाईस्कूल की प्रत्येक कॉपी जांचने के लिए 14 रुपये और इंटरमीडिएट की कॉपी के लिए 15 रुपये तय किए गए हैं। साथ ही शिक्षकों के लिए प्रतिदिन कॉपियां जांचने की सीमा भी निर्धारित की गई है, जिसमें एक शिक्षक एक दिन में हाईस्कूल की 50 और इंटरमीडिएट की 45 कॉपियां जांच सकेगा।
अधिकारियों के अनुसार, मूल्यांकन कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और इसे 1 अप्रैल तक समाप्त किया जाना है। हाईस्कूल परीक्षा में कुल 70 अंकों का मूल्यांकन किया जाएगा, जिसमें 20 अंक ओएमआर शीट के आधार पर और 50 अंक लिखित उत्तर पुस्तिका के आधार पर दिए जाएंगे।
हालांकि पहले दिन की देरी ने शिक्षकों और प्रशासन दोनों के लिए चुनौती बढ़ा दी है। अब उम्मीद की जा रही है कि अगले कुछ दिनों में सभी कॉपियां केंद्रों पर पहुंच जाएंगी और मूल्यांकन प्रक्रिया तेजी से शुरू हो सकेगी, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर परिणाम घोषित करने में कोई बाधा न आए।





