Youth Skill Development India: एनएसएस, कौशल भारत और नई शिक्षा नीति से युवाओं को भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा : मांडविया
केंद्र सरकार देश के युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने और उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण पहलें चला रही है। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), कौशल भारत अभियान और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के माध्यम से युवाओं को नेतृत्व क्षमता, व्यावसायिक कौशल और रोजगार से जुड़े अवसरों के लिए तैयार किया जा रहा है। इन योजनाओं के जरिए युवाओं को न केवल शिक्षा बल्कि व्यवहारिक और पेशेवर कौशल भी प्रदान किए जा रहे हैं, ताकि वे बदलती आर्थिक और तकनीकी परिस्थितियों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें।
यह जानकारी केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने लोकसभा में दी। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि उन्हें व्यावहारिक कौशल, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की समझ भी देना है, जिससे वे देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
मांडविया ने बताया कि युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय सेवा योजना यानी एनएसएस के स्वयंसेवकों के लिए कई प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें ‘प्रभावी नेतृत्व कार्यक्रम’ जैसे विशेष प्रशिक्षण शामिल हैं, जिनका उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व विकास को मजबूत करना है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सार्वजनिक भाषण, पेशेवर नैतिकता, सामाजिक उत्तरदायित्व और व्यक्तित्व विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर युवाओं को प्रशिक्षित किया जाता है।
इसके अलावा एनएसएस के सात दिवसीय विशेष शिविर भी आयोजित किए जाते हैं, जिनमें युवाओं को समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर जागरूक किया जाता है। इन शिविरों में जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन, साक्षरता अभियान और सामुदायिक विकास जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया जाता है। इन गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया जाता है। वर्तमान समय में देशभर में लगभग 38.81 लाख एनएसएस स्वयंसेवक पंजीकृत हैं, जो विभिन्न सामाजिक और विकासात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
कौशल भारत मिशन के तहत भी युवाओं के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, जन शिक्षण संस्थान, राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के माध्यम से युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को नए कौशल सिखाना, पहले से मौजूद कौशल को उन्नत करना और उद्योगों की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि वे रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत भी शिक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इस नीति के अंतर्गत कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए व्यावसायिक पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों में संचार कौशल, उद्यमिता, सूचना प्रौद्योगिकी और हरित कौशल जैसे विषय शामिल हैं, जो विद्यार्थियों को भविष्य के रोजगार बाजार के लिए तैयार करने में मदद करते हैं।
सरकार का मानना है कि इन सभी पहलों के माध्यम से युवाओं को न केवल रोजगार के अवसर मिलेंगे बल्कि वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी आगे बढ़ सकेंगे। इन कार्यक्रमों से युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी, जो देश के समग्र विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।



