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Bhangel Salarpur Bridge: भंगेल–सलारपुर में कोंडली नाला पर दो नए पुलों का निर्माण शुरू, चार लाख लोगों को मिलेगी राहत

Bhangel Salarpur Bridge: भंगेल–सलारपुर में कोंडली नाला पर दो नए पुलों का निर्माण शुरू, चार लाख लोगों को मिलेगी राहत

नोएडा। भंगेल–सलारपुर क्षेत्र के करीब चार लाख लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। कोंडली नाला पार करने के लिए वर्षों से जर्जर पुलों पर जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे लोगों की समस्या अब दूर होने जा रही है। Noida Authority ने कोंडली नाला पर दो नए पुलों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सोमवार को इन पुलों का विधिवत शिलान्यास किया गया।

नए पुल मौजूदा जर्जर पुलों के समानांतर बनाए जाएंगे। पहला पुल किमी 7.800 और दूसरा किमी 8.600 पर निर्मित होगा। निर्माण कार्य Uttar Pradesh Irrigation and Water Resources Department द्वारा कराया जाएगा, जबकि कुल 992.56 लाख रुपये की लागत Noida Authority वहन करेगा। प्रत्येक पुल की लागत लगभग 496.28 लाख रुपये तय की गई है।

शिलान्यास कार्यक्रम में नोएडा विधायक Pankaj Singh ने भाजपा नोएडा महानगर अध्यक्ष महेश चौहान और गौतमबुद्ध नगर सांसद प्रतिनिधि संजय बाली के साथ आधारशिला रखी। इस अवसर पर विधायक ने कहा कि क्षेत्र का समग्र विकास उनकी प्राथमिकता है और जनसमस्याओं का त्वरित समाधान कराया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता झलकेस बाबूजी ने की, जबकि संचालन भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) जिलाध्यक्ष अशोक भाटी ने किया।

भंगेल–सलारपुर क्षेत्र औद्योगिक सेक्टर फेज-2 के निकट होने के कारण यहां से प्रतिदिन हजारों लोग रोजगार के लिए आवाजाही करते हैं। सुबह और शाम के व्यस्त समय में जर्जर पुलों पर भीषण जाम की स्थिति बन जाती है। पूर्व में कई हादसे भी हो चुके हैं, जिनमें वाहन नाले में गिरने की घटनाएं शामिल हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए लंबे समय से नए पुलों की मांग की जा रही थी।

बताया गया कि पूर्व में तत्कालीन सीईओ डॉ. लोकेश एम और अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी संजय कुमार खत्री ने गांव में किसान पंचायत आयोजित कर पुल निर्माण को सैद्धांतिक स्वीकृति दी थी और लगभग दस करोड़ रुपये का बजट पारित किया गया था। अब इस परियोजना को धरातल पर उतारा जा रहा है।

दोनों प्रस्तावित पुल लगभग 50-50 मीटर लंबे होंगे। प्रत्येक पुल की कुल चौड़ाई 11.50 मीटर होगी, जिसमें 7.50 मीटर चौड़ा कैरिजवे और दोनों ओर 2-2 मीटर चौड़े फुटपाथ बनाए जाएंगे, ताकि वाहनों के साथ पैदल चलने वालों को भी सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। निर्माण कार्य को एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यक्रम में प्राधिकरण और सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने इस अवसर पर बारातघर, पेयजल, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समस्याएं भी उठाईं, जिनके समाधान का आश्वासन दिया गया।

नए पुलों के निर्माण से न केवल यातायात जाम की समस्या कम होगी, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र तक पहुंच आसान होगी और हादसों की आशंका भी घटेगी। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि निर्धारित समयसीमा में पुल बनकर तैयार होंगे और लंबे समय से चली आ रही परेशानी से स्थायी राहत मिलेगी।

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