
National Strike 2026: 12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल से टीयूसीसी ने किया किनारा
नई दिल्ली, 11 फरवरी। ट्रेड यूनियन कोऑर्डिनेशन सेंटर (टीयूसीसी) ने 12 फरवरी 2026 को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया है। संगठन ने इस हड़ताल को राजनीतिक रूप से प्रेरित, निराधार और राष्ट्रीय हितों के विरुद्ध बताया है। टीयूसीसी ने स्पष्ट किया कि वह इस आह्वान का समर्थन नहीं करेगा।
संगठन ने कहा कि श्रमिकों की समस्याओं और मांगों का समाधान हड़ताल जैसे विघटनकारी कदमों से नहीं, बल्कि संवाद, परामर्श और रचनात्मक सहभागिता के माध्यम से किया जाना चाहिए। टीयूसीसी के अनुसार बार-बार हड़ताल की रणनीति अपनाने से औद्योगिक वातावरण प्रभावित होता है और इसका सीधा असर श्रमिकों तथा देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
श्रम संहिताओं के मुद्दे पर टीयूसीसी ने उन्हें प्रगतिशील सुधार करार दिया। संगठन का कहना है कि नई श्रम संहिताएं श्रम कानूनों के आधुनिकीकरण और एकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इनके जरिए पारदर्शिता बढ़ेगी, अनुपालन प्रक्रिया सरल होगी और सामाजिक सुरक्षा के दायरे का विस्तार होगा।
टीयूसीसी का दावा है कि इन सुधारों का उद्देश्य रोजगार सृजन को बढ़ावा देना, श्रमिकों के हितों की रक्षा करना और देश में सतत आर्थिक विकास को मजबूत करना है। संगठन ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे टकराव की राजनीति से दूर रहकर रचनात्मक संवाद के माध्यम से श्रमिक हितों पर चर्चा करें।
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