Indian Engineering Service exam: नोएडा के दो सेंटर्स पर हुए इंडियन इंजीनियरिंग सर्विसेज़ एग्जाम में सिर्फ़ 54.3% कैंडिडेट्स ही शामिल हुए।

Indian Engineering Service exam: नोएडा के दो सेंटर्स पर हुए इंडियन इंजीनियरिंग सर्विसेज़ एग्जाम में सिर्फ़ 54.3% कैंडिडेट्स ही शामिल हुए।
नोएडा। रविवार को शहर में इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस (आईआईएस) परीक्षा का आयोजन किया गया, जो दो निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर संपन्न हुई। इस परीक्षा के लिए कुल 243 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, लेकिन इनमें से केवल 132 अभ्यर्थी ही परीक्षा देने पहुंचे। इस तरह उपस्थिति दर करीब 54.3 प्रतिशत रही, जबकि बड़ी संख्या में परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
जानकारी के अनुसार परीक्षा के दौरान भौतिकी विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान से जुड़े प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को खासा परेशान किया। परीक्षा देकर बाहर निकले कई छात्रों ने बताया कि प्रश्नों का स्तर अपेक्षाकृत कठिन था और गहन वैचारिक समझ की मांग कर रहा था, जिससे समय प्रबंधन में भी दिक्कत आई।
आईआईएस परीक्षा का आयोजन सेक्टर-51 होशियारपुर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज और सेक्टर-12 स्थित भावराऊ देवरस सरस्वती विद्या मंदिर में किया गया। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर 204 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 113 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। वहीं भावराऊ देवरस सरस्वती विद्या मंदिर केंद्र पर 39 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, लेकिन यहां केवल 19 छात्र ही परीक्षा देने पहुंचे।
शहर में केवल दो केंद्रों पर ही इस प्रतिष्ठित परीक्षा का आयोजन किया गया था। भले ही परीक्षार्थियों की संख्या अपेक्षा से कम रही, लेकिन परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की ओर से कड़े इंतजाम किए गए थे। सभी केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी और अनुशासन को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई।
जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने बताया कि परीक्षा को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया गया। उन्होंने कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक संसाधन, निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंध मौजूद थे, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई।
आईआईएस परीक्षा को देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में गिना जाता है, जिसमें चयनित अभ्यर्थियों को विभिन्न तकनीकी और इंजीनियरिंग सेवाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलती हैं। ऐसे में इस परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में काफी उत्साह रहता है, हालांकि इस बार कम उपस्थिति ने प्रशासन और शिक्षा विभाग का ध्यान आकर्षित किया है।





