Noida skywalk project: नोएडा को मिला बड़ा तोहफा, स्काईवॉक से रोजाना 50 हजार से ज्यादा लोगों को राहत

Noida skywalk project: नोएडा को मिला बड़ा तोहफा, स्काईवॉक से रोजाना 50 हजार से ज्यादा लोगों को राहत
नोएडा। नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली के बीच रोजाना आवाजाही करने वाले हजारों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। एनएच-9 के पास सेक्टर-62 और सेक्टर-63 मॉडल टाउन गोल चक्कर पर आधुनिक स्काईवॉक का निर्माण किया जा रहा है, जिससे प्रतिदिन करीब 50 हजार से अधिक पैदल यात्रियों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। बुधवार को नोएडा के सांसद महेश शर्मा और विधायक पंकज सिंह ने संयुक्त रूप से इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास किया।
विधायक पंकज सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह स्काईवॉक वृताकार डिजाइन में बनाया जाएगा, जो पूरे गोलचक्कर को चारों ओर से कवर करेगा। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि गोलचक्कर की सभी दिशाओं से लोग आसानी से स्काईवॉक पर चढ़ और उतर सकेंगे। लगभग 26 करोड़ 34 लाख रुपये की लागत से बनने वाला यह स्काईवॉक पूरी तरह पिलरों पर आधारित होगा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसमें स्टील की मजबूत छत लगाई जाएगी। इसके अलावा चार प्रमुख स्थानों पर एंट्री और एग्जिट के लिए लिफ्ट और एस्केलेटर भी लगाए जाएंगे, ताकि बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगजनों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बताया गया कि इस चौराहे से प्रतिदिन करीब 50 हजार पैदल यात्री सड़क पार करते हैं। यहां लगातार भारी ट्रैफिक दबाव बना रहता है, जिससे न केवल जाम की स्थिति उत्पन्न होती है बल्कि सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। स्काईवॉक के निर्माण के बाद पैदल यात्रियों को सड़क पार करने के लिए ट्रैफिक के बीच से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे हादसों में कमी आएगी और वाहनों की आवाजाही भी सुचारू रूप से हो सकेगी।
सेक्टर-62 और सेक्टर-63 नोएडा के सबसे व्यस्त इलाकों में गिने जाते हैं। यहां बड़ी संख्या में आईटी कंपनियां, कार्यालय और औद्योगिक इकाइयां स्थित हैं, जहां रोजाना हजारों कर्मचारी काम करने आते हैं। सुबह और शाम के समय इस चौराहे पर अत्यधिक भीड़ और वाहनों का दबाव रहता है। कई रास्तों के एक साथ मिलने के कारण लोगों को सड़क पार करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। स्काईवॉक के बन जाने से न केवल पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि ट्रैफिक जाम की समस्या से भी काफी हद तक निजात मिलेगी।
उम्मीद जताई जा रही है कि यह स्काईवॉक नोएडा के ट्रैफिक प्रबंधन और शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा और आने वाले समय में शहरवासियों को बड़ी राहत देगा।





