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Yamuna Expressway Medical Park: यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में बनेगा अत्याधुनिक मेडिकल डिवाइसेज पार्क, शुक्रा फ़ार्मास्यूटिकल्स को 10 एकड़ भूमि का एलओआई

Yamuna Expressway Medical Park: यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में बनेगा अत्याधुनिक मेडिकल डिवाइसेज पार्क, शुक्रा फ़ार्मास्यूटिकल्स को 10 एकड़ भूमि का एलओआई

नोएडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और इन्वेस्ट यूपी की पहल पर यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने मेडिकल डिवाइसेज पार्क के तहत शुक्रा फ़ार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड को 10 एकड़ भूमि का आशय पत्र (लेटर ऑफ इंटेंट) प्रदान किया है। यह परियोजना प्रदेश में मेडिकल टेक्नोलॉजी और स्वास्थ्य नवाचार के क्षेत्र में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इस अवसर पर यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेंद्र भाटिया सहित शुक्रा फ़ार्मास्यूटिकल्स के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मेडिकल डिवाइसेज पार्क में स्थापित होने वाला यह संयंत्र विश्वस्तरीय और अत्याधुनिक जीवनरक्षक चिकित्सा उपकरणों के निर्माण का प्रमुख केंद्र बनेगा। यहां बोरोन न्यूट्रॉन कैप्चर थेरेपी (BNCT) जैसी उन्नत तकनीक का उत्पादन किया जाएगा, जिसे जटिल और गंभीर कैंसर रोगों के उपचार में क्रांतिकारी माना जाता है। इसके साथ ही रेडियोलॉजी और इमेजिंग से जुड़े अत्याधुनिक उपकरण जैसे सीटी स्कैन, एमआरआई, पीईटी स्कैन, एक्स-रे और अल्ट्रासोनोग्राफी मशीनों का निर्माण भी किया जाएगा।

इस परियोजना के अंतर्गत एनेस्थीसिया सिस्टम, आईसीयू और ऑपरेशन थियेटर के लिए आवश्यक रेस्पिरेटरी केयर उपकरणों के साथ-साथ हृदय रोगों के इलाज में उपयोग होने वाले इम्प्लांट्स जैसे हार्ट वाल्व, स्टेंट्स और लेफ्ट वेंट्रिकुलर असिस्ट डिवाइसेज़ (LVAD) का भी उत्पादन किया जाएगा। वेंटिलेटर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जैसे रेस्पिरेटरी सपोर्ट उत्पादों पर विशेष फोकस रहेगा, जिससे गंभीर मरीजों के उपचार में देश को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

परियोजना का एक महत्वपूर्ण आकर्षण मेडिकल रोबोटिक सिस्टम्स का विकास है। इसके तहत सॉफ्ट टिश्यू सर्जिकल रोबोट, ऑर्थोपेडिक, डेंटल और न्यूरो-स्पाइन रोबोटिक सिस्टम्स तैयार किए जाएंगे। इन अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीकों से शल्य चिकित्सा में सटीकता बढ़ेगी और मरीजों की सुरक्षा को नई ऊंचाई मिलेगी। इसके अलावा यहां इन-विट्रो डायग्नोस्टिक (IVD) उपकरण, पॉइंट-ऑफ-केयर टेस्टिंग डिवाइसेज़, उन्नत एनालाइज़र्स और मेडिकल सिमुलेटर्स का निर्माण भी किया जाएगा। मेडिकल सिमुलेटर्स के माध्यम से डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ को उन्नत प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वास्तविक उपचार के दौरान जोखिम को कम किया जा सकेगा।

करीब 587 करोड़ रुपये के कैपेक्स निवेश से स्थापित होने वाला यह मेडिकल डिवाइसेज पार्क उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र के नवाचार को मजबूती देगा। इस परियोजना से 900 से अधिक प्रत्यक्ष और लगभग 2000 अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है। स्थानीय युवाओं की भर्ती और उनके कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह पहल न केवल स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा देगी, बल्कि आयात पर निर्भरता भी कम करेगी और आम लोगों को किफायती दरों पर विश्वस्तरीय चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने में मददगार साबित होगी। यह परियोजना उत्तर प्रदेश को मेडिकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। कार्यक्रम में शुक्रा फ़ार्मास्यूटिकल्स की ओर से डॉ. मिनाक्षी लाटे (ग्रुप सीईओ एवं ग्लोबल हेड), गौरव शोकीन (मुख्य परिचालन अधिकारी), अनिल कुमार वर्मा (उपाध्यक्ष) और कामिनी भारती (बिज़नेस यूनिट हेड) ने सहभागिता की।

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