एयरपोर्ट के पास स्थायी पशु पुर्नवास केंद्र बनेगा

अमर सैनी

नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास 10 हेक्टेयर में स्थायी पशु बचाव एवं पुनर्वास केंद्र का निर्माण होगा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने केंद्र की भूमि की लीज 30 साल के लिए बढ़ा दी है। केंद्र में ही एयरपोर्ट से प्रभावित होने वाले वन्यजीवों के सरंक्षण के इंतजाम किए जा सकेंगे। प्राधिकरण ने प्रभागीय वनाधिकारी से केंद्र के निर्माण को लेकर टेंडर की प्रगति रिपोर्ट भी मांगी है।

प्राधिकरण के अधिकारी ने बताया कि जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण शुरू होने से पहले वन्य जीव संस्थान देहरादून से एक अध्ययन करवाया गया था। एयरपोर्ट के 10 किलोमीटर क्षेत्र में आने वाले जीव-जंतुओं के संरक्षण पर रिपोर्ट मांगी गई थी। इस इलाके के वन्यजीवों के संरक्षण की योजना और उनकी संख्या को भी जाना गया था। रिपोर्ट में बताया गया था कि जेवर में 258 काले हिरण और 176 सारस हैं। एयरपोर्ट निर्माण के चलते इनका पारिस्थितिकी तंत्र बिगड़ेगा। इसके चलते इनके संरक्षण की जरूरत है। सेक्टर-17ए में धनौरी वेटलैंड के पास वन्य जीव संरक्षण केंद्र बनाने की योजना बनी थी। पहले इसे पांच वर्ष के लिए अस्थायी तौर पर विकसित किया जाना था। इसके बाद वन्य जीवों का दूसरी जगह पर विस्थापन किया जाता, लेकिन अब प्राधिकरण ने जमीन की लीज को 30 वर्ष तक बढ़ा दिया है। इससे यहां पर स्थायी पशु बचाव एवं पुनर्वास केंद्र बन सकेगा। इसके लिए प्राधिकरण ने जुलाई 2023 में ही अपने हिस्से की पांच हेक्टेयर भूमि वन विभाग को दे दी है। अन्य पांच हेक्टेयर भूमि पहले से ही वन विभाग के पास मौजूद है। यह जमीन धनौरी वेटलैंड से लगी हुई है। प्राधिकरण अब तक वेटलैंड में सुधार समेत अन्य कार्यों के लिए 5.39 करोड़ रुपये दे चुका है।

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