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Noida accident: बिल्डर को न्यायिक हिरासत, कोर्ट ने पूछा—नाली और बैरिकेड का जिम्मेदार कौन

Noida accident: बिल्डर को न्यायिक हिरासत, कोर्ट ने पूछा—नाली और बैरिकेड का जिम्मेदार कौन

नोएडा। सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में जांच तेज हो गई है। बुधवार को फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची और मौके से साक्ष्य जुटाए। फॉरेंसिक फैक्ट्स एसआईटी की रिपोर्ट का अहम हिस्सा होंगे। एसआईटी को 24 जनवरी तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपनी है। इस हादसे को लेकर मुख्यमंत्री ने भी कड़ी नाराजगी जताई है।

इसी मामले में आरोपी बिल्डर अभय कुमार को एक दिन की पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 27 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने लापरवाही को लेकर तीखी फटकार लगाई। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिए कि जांच में यह स्पष्ट किया जाए कि नाली टूटी होने का जिम्मेदार कौन है और बैरिकेडिंग न होने की जिम्मेदारी किसकी थी। कोर्ट ने यह भी पूछा कि जब वर्षों से इस स्थान को लेकर शिकायतें की जा रही थीं, तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

हादसे के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ी कार्रवाई हुई है। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को हटा दिया गया है। एसआईटी को निर्देश दिए गए हैं कि हादसे के लिए जिम्मेदार हर व्यक्ति और विभाग की भूमिका सामने लाई जाए। जांच टीम ने युवराज के पिता राजकुमार मेहता से भी उस रात की पूरी घटना की जानकारी ली। राजकुमार ने बताया कि उन्होंने अपनी आंखों के सामने बेटे को कार समेत डूबते देखा, लेकिन कोई भी पानी में उतरकर मदद के लिए आगे नहीं आया। उन्होंने कहा कि उनका बेटा चीखता रहा।

मेरठ जोन के एडीजी भानू भास्कर ने बताया कि जांच तीन चरणों में पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि पांच दिन में सभी पहलुओं की जांच कर यह स्पष्ट किया जाएगा कि हादसा किन कारणों से हुआ और किन उपायों से इसे रोका जा सकता था। हादसे से जुड़े सभी लिंक—चाहे वे सिविक अथॉरिटी हों या पुलिस—सबकी भूमिका की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

बुधवार दोपहर करीब सवा 12 बजे एसआईटी की टीम नोएडा प्राधिकरण पहुंची और बोर्ड रूम में अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में कमिश्नर लक्ष्मी सिंह, प्राधिकरण एसीईओ कृष्णा करुणेश और डीएम मेधा रूपम से सवाल-जवाब किए गए। इसके बाद टीम सेक्टर-150 स्थित घटनास्थल पर पहुंची और शाम को फिर विस्तृत बैठक कर जांच की प्रगति की समीक्षा की गई।

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