Noida: नोएडा में जुड़वा भाइयों का अनोखा चोरी गैंग बेनकाब, 4 शातिर गिरफ्तार, 30 बाइक व पार्ट्स बरामद

Noida: नोएडा में जुड़वा भाइयों का अनोखा चोरी गैंग बेनकाब, 4 शातिर गिरफ्तार, 30 बाइक व पार्ट्स बरामद
नोएडा थाना फेज-1 पुलिस ने सेक्टर-14ए के पास से चार शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर एक बड़े चोरी गैंग का खुलासा किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शादाब उर्फ रुतबा, अरमान उर्फ सुट्टा, उलमान और विजय के रूप में हुई है। इनमें अरमान और उलमान सगे जुड़वा भाई हैं, जिनकी शक्ल और कद-काठी बिल्कुल एक जैसी है। पुलिस के मुताबिक, यही उनकी सबसे बड़ी चाल थी, जिसका इस्तेमाल वे चोरी को अंजाम देने में करते थे।
गैंग के पास से कुल 30 बाइक बरामद की गई हैं, जिनमें 15 पूरी बाइक और बाकी कटे हुए पार्ट्स शामिल हैं। बरामद माल की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि जुड़वा भाई एक जैसे कपड़े पहनकर वारदात को अंजाम देते थे। चोरी के समय एक भाई कबाड़ी की दुकान पर बैठा रहता था, जबकि दूसरा बाइक चोरी करता था। इस वजह से जब भी पुलिस या लोग पूछताछ करते, तो एक भाई दुकान पर मौजूद मिल जाता और शक नहीं होता। इसी चाल के दम पर यह गैंग लंबे समय तक पुलिस की नजरों से बचता रहा।
डीसीपी यमुना प्रसाद ने बताया कि इस गैंग का मास्टरमाइंड शादाब उर्फ रुतबा है। आरोपी कॉलोनियों, सोसाइटियों और कंपनियों के बाहर खड़े वाहनों की रेकी करते थे। इसके बाद मास्टर चाबी या लॉक तोड़कर बाइक और स्कूटी चोरी कर लेते थे। चोरी के बाद वाहन उलमान कबाड़ी की दुकान तक पहुंचाता था, जहां से कच्चे रास्तों के जरिए हरियाणा के बल्लभगढ़ में पवन और विजय को बाइक सप्लाई की जाती थी। वहां से गाड़ियां ऑन डिमांड बेची जाती थीं और मिले पैसे आपस में बांट लिए जाते थे।
पुलिस के अनुसार, चारों आरोपियों पर मिलाकर अब तक 50 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। इनके आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी दिल्ली, गाजियाबाद, बुलंदशहर, मथुरा और फरीदाबाद सहित अन्य राज्यों की पुलिस को भी भेजी गई है, जहां से और मामलों के जुड़ने की संभावना है।
वहीं दूसरी ओर, थाना सेक्टर-24 पुलिस ने भी कार्रवाई करते हुए दो अन्य शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम दीपक और सतेंद्र बताए गए हैं। पुलिस ने इनके पास से 11 बाइक बरामद की हैं। आरोप है कि ये आरोपी रेकी कर बाइक चोरी करते थे और सेक्टर-54 के जंगल में वाहनों को छिपा देते थे। बाद में ऑन डिमांड सस्ते दामों पर बाइक बेचकर मिले पैसों से अपने शौक पूरे करते थे। ये दोनों दिल्ली और नोएडा में सक्रिय थे।





