GIMS AI Clinic: ग्रेटर नोएडा के जिम्स में खुलेगी देश की पहली एआई क्लिनिक, 2 जनवरी को होगा उद्घाटन

GIMS AI Clinic: ग्रेटर नोएडा के जिम्स में खुलेगी देश की पहली एआई क्लिनिक, 2 जनवरी को होगा उद्घाटन
नोएडा। ग्रेटर नोएडा स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में चिकित्सा क्षेत्र को नई दिशा देने की तैयारी पूरी हो चुकी है। जिम्स में सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) क्लिनिक की शुरुआत की जा रही है। इस अत्याधुनिक एआई क्लिनिक का उद्घाटन आगामी 2 जनवरी को किया जाएगा। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि यह भारत की पहली ऐसी एआई क्लिनिक होगी, जो पूरी तरह एक सरकारी अस्पताल के भीतर स्थापित की जा रही है।
जिम्स के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि इस एआई क्लिनिक के जरिए चिकित्सा और तकनीक के क्षेत्र में एक नया प्रयोग किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य चिकित्सकों और हेल्थकेयर स्टार्टअप्स को एक साझा मंच प्रदान करना है, जहां वे मिलकर एआई आधारित समाधानों का परीक्षण, सत्यापन और वास्तविक क्लिनिकल वातावरण में तैनाती कर सकेंगे। इससे इलाज की गुणवत्ता, सटीकता और रोगी सुरक्षा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद मिलेगी।
डॉ. गुप्ता के अनुसार, एआई क्लिनिक का यह मॉडल पूरी तरह से सरकारी अस्पताल के भीतर विकसित किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित समाधान न केवल तकनीकी रूप से सक्षम हों, बल्कि नैतिक, सुरक्षित और क्लिनिकल रूप से उपयोगी भी हों। यह क्लिनिक मरीजों के निदान, इलाज की योजना, डेटा विश्लेषण और निर्णय प्रक्रिया को बेहतर बनाने में सहायक होगी।
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि इस एआई क्लिनिक के लिए स्टार्टअप्स और नवाचारकर्ताओं से आवेदन पहले ही आमंत्रित किए जा चुके हैं। चयनित स्टार्टअप्स को अस्पताल-आधारित इस अनोखे पारिस्थितिकी तंत्र में शुरुआती स्तर पर काम करने का अवसर मिलेगा, जहां वे अपने एआई टूल्स और सॉल्यूशंस को वास्तविक मरीजों और चिकित्सकों के साथ मिलकर विकसित कर सकेंगे।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना में आईआईटी कानपुर को इकोसिस्टम पार्टनर के रूप में जोड़ा गया है। आईआईटी कानपुर इस पहल में शैक्षणिक मेंटरशिप, तकनीकी मार्गदर्शन और इन्क्यूबेशन सपोर्ट प्रदान करेगा। इसका उद्देश्य अनुसंधान, उन्नत तकनीक और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच एक मजबूत सेतु तैयार करना है, ताकि भारत में एआई आधारित हेल्थकेयर नवाचार को बढ़ावा मिल सके।
अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि एआई क्लिनिक के शुरू होने से न केवल जिम्स, बल्कि पूरे देश के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र को एक नई दिशा मिलेगी। इससे भविष्य में मरीजों को अधिक सटीक, तेज और किफायती इलाज उपलब्ध कराया जा सकेगा, साथ ही डॉक्टरों को निर्णय लेने में आधुनिक तकनीक का मजबूत सहयोग मिलेगा।




