Cancer Screening Program: कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम को मजबूत करना आवश्यक : जाधव

Cancer Screening Program: कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम को मजबूत करना आवश्यक : जाधव
नई दिल्ली, ओरल कैंसर, सर्वाइकल कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी के कारण कैंसर विश्व में मृत्यु का दूसरा प्रमुख कारण बन चुका है। भारत भी इस चुनौती का सामना कर रहा है। इसी संदर्भ में देश में नए शोध और नवाचारों के साथ कैंसर जांच और समुचित स्वास्थ्य सेवाओं पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है।
जन जागरूकता और शीघ्र पहचान जरूरी
केंद्रीय आयुष और स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस पर कहा कि कैंसर के बारे में जन जागरूकता लाना और कैंसर की रोकथाम व इलाज के लिए शीघ्र पहचान के प्रयासों (कैंसर स्क्रीनिंग) को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। इससे कैंसर मरीजों को समय पर प्रभावी इलाज मिल सकेगा।
सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने बताया कि कैंसर के मामलों का बड़ा हिस्सा तंबाकू सेवन, अस्वास्थ्यकर आहार, मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता, शराब का सेवन, पर्यावरण प्रदूषण और ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) संक्रमण जैसे रोकथाम योग्य कारणों से जुड़ा है। यह अधिक जागरूकता और समय पर कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
स्वस्थ जीवनशैली और प्रारंभिक पहचान की भूमिका
कैंसर की प्रारंभिक पहचान से जीवन रक्षा में सुधार होता है, खासकर स्तन, गर्भाशय ग्रीवा और मुख कैंसर के मामलों में। इसके अलावा स्वस्थ जीवनशैली भी जोखिम कम करने और दीर्घकालिक स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद करती है। इसमें तंबाकू और शराब से परहेज, साग-सब्जियों का सेवन, स्वस्थ वजन बनाए रखना, सक्रिय रहना और प्रदूषण से दूरी बनाए रखना शामिल है।
एकीकृत कैंसर देखभाल का विस्तार
कोट्टक्कल स्थित आर्य वैद्य शाला ने पिछले दो वर्षों में 338 फेफड़ों के कैंसर के मामलों सहित 26,356 कैंसर रोगियों का इलाज किया है, जो एकीकृत रोगी देखभाल के प्रभाव को दर्शाता है। साथ ही मुंबई स्थित टीएमसी-एक्ट्रेक सहित प्रमुख उत्कृष्टता केंद्रों के माध्यम से एकीकृत कैंसर देखभाल का विस्तार किया जा रहा है। ये केंद्र इन-सिलिको, प्रीक्लिनिकल और क्लिनिकल अध्ययनों, विशेष ओपीडी और क्षमता निर्माण में सहायता प्रदान करते हैं।
केंद्रीय मंत्री जाधव ने आश्वस्त किया कि अनुसंधान, उत्कृष्टता केंद्र और सामुदायिक पहुंच के माध्यम से भारत में कैंसर देखभाल को और मजबूत किया जाएगा, जिससे मरीजों को समय पर उचित और प्रभावी समाधान मिल सके।
भारत और पाकिस्तान टी20 विश्व कप 2024 में दो बार आमने-सामने हो सकते हैं। जानिए कैसे





