child pregnancy India: 9 साल की बच्ची बनी मां और सगे भाई पर आरोप, सोशल मीडिया पर वायरल दावे की सच्चाई क्या है

child pregnancy India: 9 साल की बच्ची बनी मां और सगे भाई पर आरोप, सोशल मीडिया पर वायरल दावे की सच्चाई क्या है
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक बेहद चौंकाने वाला और भावनात्मक दावा तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कहा जा रहा है कि हरियाणा के कैथल में एक 9 साल की बच्ची मां बन गई और बच्चे का पिता उसका सगा भाई है। इस वीडियो और दावे ने इंटरनेट पर हड़कंप मचा दिया है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर लोग इसे धड़ल्ले से शेयर कर रहे हैं और इसे कलयुग से जोड़कर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। वीडियो को इस तरह पेश किया गया है कि देखने वालों के मन में डर, गुस्सा और सहानुभूति एक साथ पैदा हो रही है।
वायरल वीडियो में एक छोटी बच्ची गोद में नवजात बच्चे को लिए हुए दिखाई दे रही है और उसे दूध पिलाने जैसी गतिविधि करते हुए दिखाया गया है। वीडियो के साथ लिखे गए कैप्शन में दावा किया गया है कि यह बच्ची सिर्फ 9 साल की है और उसे गर्भवती करने वाला उसका 11 साल का सगा भाई है। इन दावों के सामने आते ही लोगों के मन में सवाल उठने लगे कि क्या इतनी कम उम्र में किसी बच्ची का मां बनना वास्तव में संभव है या यह सिर्फ एक भ्रामक और सनसनी फैलाने वाला कंटेंट है।
चिकित्सकीय विज्ञान के अनुसार, किसी भी लड़की के गर्भवती होने के लिए सबसे जरूरी प्रक्रिया ओव्यूलेशन होती है, जो नियमित माहवारी शुरू होने के बाद ही संभव होती है। भारत में आमतौर पर लड़कियों को पहली माहवारी 12 से 13 साल की उम्र के बीच होती है। कुछ दुर्लभ मामलों में यह 10 या 11 साल की उम्र में भी शुरू हो सकती है, लेकिन 9 साल से पहले माहवारी शुरू होना बेहद असामान्य माना जाता है। ऐसे में 9 साल की उम्र में प्रेग्नेंसी और फिर सुरक्षित डिलीवरी होना लगभग नामुमकिन जैसा माना जाता है।
हालांकि इतिहास में एक बेहद दुर्लभ और चौंकाने वाला मामला दर्ज है। साल 1939 में पेरू की लीना मेडिना नाम की बच्ची मात्र 5 साल 7 महीने की उम्र में मां बनी थी। यह मामला एक्सट्रीम प्रीकोशियस प्यूबर्टी यानी असामान्य रूप से बहुत जल्दी शारीरिक विकास के कारण संभव हुआ था। मेडिकल साइंस में आज भी इस केस को दुनिया का सबसे दुर्लभ उदाहरण माना जाता है। लेकिन ऐसे मामले गिने-चुने हैं और इन्हें सामान्य स्थिति नहीं माना जा सकता।
सोशल मीडिया पर वायरल दावे के अनुसार, यह मामला हरियाणा के कैथल जिले का बताया जा रहा है, जहां कथित तौर पर एक 9 वर्षीय बच्ची को उसके 11 वर्षीय भाई ने गर्भवती कर दिया। दावा यह भी है कि जब इस घटना का पता चला, तब बच्ची 7 से 8 महीने की गर्भवती थी और बाद में उसने बच्चे को जन्म दिया। कुछ पोस्ट्स में यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि बच्ची के माता-पिता ने मामले को छुपाने की कोशिश की और बेटे को बचाने के लिए बच्ची को पुलिस स्टेशन में छोड़ दिया। हालांकि इन दावों की पुष्टि करने वाला कोई आधिकारिक बयान, पुलिस रिपोर्ट या मेडिकल रिकॉर्ड अब तक सामने नहीं आया है।
इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि अभी तक किसी भी सरकारी एजेंसी, पुलिस प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। न ही किसी भरोसेमंद न्यूज एजेंसी ने इस दावे को तथ्यात्मक रूप से सही बताया है। विशेषज्ञों का कहना है कि आज के समय में सोशल मीडिया पर वायरल होने वाला हर वीडियो सच नहीं होता। कई बार पुराने वीडियो, किसी और जगह की घटनाएं या पूरी तरह से भ्रामक कंटेंट को नए दावों के साथ फैलाया जाता है।
फिलहाल यह मामला सच और झूठ के बीच उलझा हुआ है। जब तक प्रशासन या संबंधित विभाग की ओर से स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आती, तब तक ऐसे वायरल वीडियो और दावों पर आंख मूंदकर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। विशेषज्ञ यही सलाह दे रहे हैं कि भावनात्मक या सनसनीखेज पोस्ट को शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई की जांच करना बेहद जरूरी है, ताकि गलत जानकारी फैलने से रोका जा सके।





